बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में बलरामपुर जिले को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। 30 बिंदुओं के इंडीकेटर में प्रदेश के 75 जिलों में रैंकिंग तय की गई है। शासन ने जुलाई से सितंबर माह तक त्रैमासिक रैंकिंग का निर्धारण किया है।
रैंक निर्धारण में संस्थागत प्रसव, सीएचसी व पीएचसी पर ओपडी, आशा, एएनएम का क्षेत्र भ्रमण, एसएनसीयू में बच्चों की देखभाल, टीकाकरण, परिवार नियोजन सहित 30 इंडीकेटर को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है। बेहतर सुधार पर खुशी जताई गई है।
एनएचएम के जिला प्रबंधक शिवेंद्र मणि त्रिपाठी ने बताया कि 30 संकेतों के आधार पर शासन ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के त्रैमासिक गतिविधियों की रैंकिंग का निर्धारण किया है। प्रदेश के 75 जिलों में जुलाई से सितंबर माह तक 30 बिंदुओं पर की गई गतिविधियों के बारे में रिपोर्ट तैयार कर रैंक में शामिल किया गया है।
चिकित्सा, स्वास्थ्य व परिवार कल्याण के अंतर्गत संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा 30 संकेतों के आधार पर की जाती है। शासन के रैंकिंग निर्धारण में बलरामपुर जिले को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है जबकि शामली को पहला स्थान मिला है।
यूपी एचएमआईएस पोर्टल, आरसीएच पोर्टल व यूपी हेल्थ डेस्क बोर्ड पर उपलब्ध संकेतों पर जुलाई से सितंबर 2020 तक के डाटा के आधार पर प्रोसेस न्यूमरेटर, डिनोमिनेटर व मैथेडोलॉजी का विवरण शामिल किया गया है। प्रदेश के 18 जनपद न्यून वर्ग में पाए गए हैं।
न्यून वर्ग वाले जिलों के सीएमओ को समीक्षा करके 15 तारीख तक रिपोर्ट देने का कहा गया है। रैंकिंग में लखीमपुर खीरी को तीसरा व बुलंदशहर को चौथा स्थान मिला है। देवीपाटन मंडल के गोंडा जनपद को 39वीं, श्रावस्ती को 49वीं व बहराइच को 57वीं रैंक मिली है। सीएमओ डॉ. घनश्याम सिंह ने सभी मेडिकल व पैरा मेडिकल स्टाफ को बधाई दी है और इसी तरह से भविष्य में भी कार्य करने का निर्देश दिया है।