बलरामपुर। सादुल्लाहनगर व उतरौला के पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी के खिलाफ दर्ज कराए गए जालसाजी के मुकदमे में चकबंदी विभाग के कर्मी भी जांच के घेरे में आ गए हैं। दरअसल, अभी तक की जांच में यह पाया गया है कि किस पत्र के आधार पर चकबंदी विभाग ने परती जमीन को पूर्व विधायक के नाम कर दिया, वह पत्र नहीं मिल रहा है। इंडेक्स रजिस्टर में भी उसका अंकन नहीं मिला है। इन सब मामलों की जांच की जा रही है।
पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी के खिलाफ मुकदमों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है। वर्तमान में वह एक लेखपाल को धमकाने के मामले में जेल में बंद है। पूर्व विधायक की अब तक एक अरब 16 करोड़ रुपये की संपत्ति प्रशासन जब्त कर चुका है। पूर्व विधायक जिले के टाप टेन माफिया की सूची में शामिल है। प्रवर्तन निदेशालय अलग से मामले की जांच कर रहा है। सादुल्लाहनगर कोतवाल मनोज कुमार का कहना है कि हरेक बिंदु की जांच की जा रही है। जांच में चकबंदी कर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
न्यायिक जांच कराने की मांग
पूर्व सपा विधायक की गिरफ्तारी के बाद परती जमीन को स्कूल के नाम करवाने के मामले में सादुल्लाहनगर थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे के बाद उतरौला विधानसभा के सपा अध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव ने भाजपा सरकार पर सपा कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न का आरोप लगाया है। सपा जिला उपाध्यक्ष एजाज मलिक ने भाजपा सरकार पर सपा नेताओं को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। वहीं गैसड़ी से सपा विधायक राकेश कुमार यादव ने आरोप लगाया है कि पूर्व सपा विधायक आरिफ अनवर हाशमी पर फर्जी मुकदमे लादकर बार-बार जेल भेजा जा रहा है।