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घरों में पट गई बाढ़ की रेत, कब होगा दोबारा गृहप्रवेश

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फोटो-8-बलरामपुर के गंगाबक्स भागड़ में बाढ़ का पानी हटने के बाद हुई तबाही देखते पीड़ित।-संवाद - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। बीते करीब एक सप्ताह पूर्व आई बाढ़ का दंश घटने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। जिन गांवों में बाढ़ का पानी उतर गया है, उन घरों में पानी के साथ बहकर आई रेत व मिट्टी पटी हुई है। कई गांवों में लोग अभी भी छत पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ पीड़ितों के सामने अब भोजन, पानी व बिजली का संकट उत्पन्न हो गया है।
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राप्ती नदी का जलस्तर गुरुवार शाम 4 बजे खतरे के निशान से अभी भी 95 सेमी. ऊपर है। प्रशासन का राहत व बचाव कार्य बहुत ही कम लोगों तक पहुंच पा रहा है। पचपेड़वा थाना क्षेत्र के एक गांव में घर के पीछे बाढ़ के पानी में डूबकर एक किशोर की मौत हो गई। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के मोहनजोत केवटली गांव के पास लोगों को रेस्क्यू करने गई नाव क्षमता से अधिक लोगों के बैठ जाने पर डूब गई। हालांकि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा फ्लड पीएसी की टीम लगातार लोगों के रेस्क्यू में जुटी हुई है।
मछली पकड़ने गया युवक डूबा
पचपेड़वा(बलरामपुर)। स्थानीय थाना क्षेत्र के ग्राम नौबस्ता निवासी नीरज (18) घर के पीछे गुरुवार को बाढ़ के पानी में मछली पकड़ने गया था। अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। नीरज के पिता रामजी ने बताया कि उसे डूबता देख लोगों ने शोर मचाया। उसे किसी तरह पानी से बाहर निकाला गया। बाहर निकालने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि शव का पंचनामा कर परिजनों को सौंप दिया गया है।
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दूसरी ओर, ललिया क्षेत्र के गंगाबक्स भागड़ गांव में राप्ती नदी की बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। छोटकऊ, सावित्री, अमर प्रताप, अनीता देवी का घर नदी की धारा में समाहित हो गया। शिव कुमार विजय, प्रमोद, ओम प्रकाश, ननके, सिद्घ कुमार, केशव राम, सीताराम व राम समुझ की घर गृहस्थी का सामान बाढ़ की रेत में पट गया है। घरों में रखा राशन व घर गृहस्थी का सामान बाढ़ में बह गया है। मंशालाल, गोली, कृपाराम, श्यामसुंदर व अमरनाथ की घर गृहस्थी भी बाढ़ में चौपट हो गई है। संवाद
डूबी नाव, बाल-बाल बचे लोग
उतरौला (बलरामपुर)। स्थानीय कोतवाली क्षेत्र के मोहनजोत केवटली गांव के पास लोगों को रेस्क्यू करने गई नाव क्षमता से अधिक लोगों के सवार होने पर डूब गई। एसडीएम संतोष ओझा ने बताया कि नाव जिस जगह पर खड़ी थी, वहीं पर ही डूब गई। वहां पानी ज्यादा नहीं था, इसलिए नाव पर सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।
बाढ़ पीड़ितों से अपील की गई है कि सुरक्षा को देखते हुए नाव में क्षमता से अधिक लोग सवार न हों। उधर, सदर विकास खंड ग्राम धर्मपुर में पांच दिन पूर्व आई बाढ़ में एक शिक्षिका व उसका दो साल का मासूम बच्चा फंस गया था। शिक्षिका ने इस संबंध में कई लोगों को सूचना दी। गुरुवार को सूचना पाकर ग्राम प्रधान महेश मिश्रा ने शिक्षिका को ट्रैक्टर से रेस्क्यू कर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
दूसरी ओर, रेहरा बाजार थाना क्षेत्र के बिलरिया व महुआढार में गुुरुवार को बाढ़ का पानी भर गया। प्रशासन ने इन गांवों में बाढ़ में घिरे 14 परिवारों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। ग्राम प्रधान जाबिर अली ने बताया कि बरसाती, लालमन, राज कुमार, खैरुन्निशा, जाहिद, वाजिद अली व अकरम आदि का परिवार सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। संवाद
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