बलरामपुर। जिला पंचायत चुनाव वर्ष 2000 में हुई मारपीट के मामले में राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण को एमपी/एमएलए कोर्ट ने गवाही के लिए एक दिसंबर को तलब किया है। बता दें कि राज्यमंत्री घटना के समय बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक थे।
जिला पंचायत चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए पूर्व विधायक सदर धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू व पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह की पत्नी सरोजरानी के बीच चुनाव हुुआ था। जिला पंचायत सदस्य पद के लिए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी राम जियावन वर्मा और धीरेंद्र प्रताप सिंह के बीच सीधी टक्कर थी। मतदान के दौरान डकही पोलिंग बूथ लूटने के आरोप में तत्कालीन दर्जा प्राप्त मंत्री आईपी सिंह, गनर अर्जुन लाल, धीरेंद्र प्रताप सिंह व दो अन्य के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा लिखकर कार्रवाई की थी।
इसके बाद पुलिस ने विवेचना के बाद आईपी सिंह, धीरेंद्र प्रताप सिंह, अर्जुन लाल, प्रशांत व पवन कुमार के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय पर प्रस्तुत किया था। मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक बलरामपुर असीम अरुण को इस मुकदमे में सरकारी गवाह विवेचक द्वारा बनाया गया था। इसी मामले में एमपी एमएलए/एफटीसी न्यायाधीश अभिनतम उपाध्याय ने राज्यमंत्री असीम अरुण को न्यायालय पर गवाही देने के लिए एक दिसंबर को उपस्थित होने का आदेश दिया है।