जिले में हाईटेंशन लाइनों से जुड़े हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अलग-अलग घटनाओं में बिजली की लाइनों के संपर्क में आने से लोगों की जान गई है।
दिसंबर 2025 में श्रीदत्तगंज क्षेत्र के सरहसवा गांव के मजरा पटियाला में बोरिंग के दौरान हादसा हुआ था। करीब 20 फीट लंबी लोहे की पाइप हाईटेंशन लाइन से छू गई थी। करंट की चपेट में आने से उतरौला क्षेत्र के बनगवां नई बस्ती निवासी 61 वर्षीय छिटाई प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य मजदूर झुलस गए थे।
फरवरी 2026 में गैसड़ी क्षेत्र के मुतेहरा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से आठ वर्षीय बालक सुमेंद्र थारू गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मई में गैसड़ी नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में तार टूटकर गिरने से खेल रही छह वर्षीय ईरम और पांच वर्षीय सनाया झुलस गई थीं।
जून 2026 में हरैया सतघरवा क्षेत्र के लंबीकोहल गांव में आम तोड़ते समय 13 वर्षीय हुनायदा बेगम हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। हादसे में उसकी मौत हो गई थी। इन घटनाओं में बोरिंग के दौरान पाइप के बिजली की लाइन से छूने, खेलते समय टूटे तार की चपेट में आने और पेड़ से आम तोड़ते समय हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से लोग हादसों का शिकार हुए।