फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बलरामपुर: छत पर खेलते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर मासूम की मौत, इकलौते बेटे की मौत से परिवार में कोहराम

Tue, 13 Oct 2026 08:18 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर

सार

बलरामपुर जिले में हाईटेंशन लाइनों से जुड़े हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अलग-अलग घटनाओं में बिजली की लाइनों के संपर्क में आने से लोगों की जान गई है।
 
विज्ञापन
मृतक कैफ। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छत पर खेलते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर एक बालक की मौत हो गई। सोमवार शाम बनघुसरा गांव में हुए हादसे के बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई। तीन बहनों के इकलौते भाई की मौत से परिजन बदहवास हैं। गांव वालों की आंखें नम हो गईं। गांव में दुर्गा पूजा का आयोजन कर रही समिति ने भी बच्चे की मौत पर शोक जताते हुए साउंड बंद कर दिया।

विज्ञापन


क्षेत्र के जगदेवा गांव निवासी उस्मान दुकान चलाते हैं। उनका आठ वर्षीय बेटा कैफ इन दिनों अपने ननिहाल गैंडास बुजुर्ग क्षेत्र के बनघुसरा गांव आया था। सोमवार शाम करीब पांच बजे वह घर की छत पर एल्यूमीनियम के तार से खेल रहा था। इसी दौरान तार छत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन में फंस गया। इससे कैफ करंट की चपेट में आकर झुलस गया। हादसे में उसकी मौत हो गई।

कैफ के नाना मो. नईम ने बताया कि वह परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी तीन बहनें हैं। इनमें मारिया 10 वर्ष, इकरा छह वर्ष और सबसे छोटी बहन महज छह माह की है। तीन बहनों के बीच इकलौते भाई की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कैफ की मौत से परिजन बदहवास हैं। पिता उस्मान जगदेवा में दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की असमय मौत से पूरा परिवार गहरे सदमे में है।
विज्ञापन


बनघुसरा गांव में दुर्गा पूजा समिति की ओर से आयोजन किया जा रहा था। इसी दौरान कैफ की मौत की खबर पहुंची तो समिति के सदस्यों ने साउंड बंद कर दिया। आयोजक कल्लू ने बताया कि बच्चे की मौत से सभी लोग दुखी हैं। परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने के लिए साउंड बंद किया गया। समिति के सदस्य पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिजनों को ढांढस बंधाया।

घरों के ऊपर से गुजरती हाईटेंशन लाइनें बनीं चिंता का विषय
घरों की छतों के ऊपर से गुजरने वाली हाईटेंशन लाइनें गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। ऊर्जा विभाग के पूर्व सलाहकार एचएन शुक्ल ने बताया कि हाईटेंशन लाइनों को घरों से दूर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के छत पर खेलने के दौरान ऐसी लाइनों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है। परिवारों को भी सतर्क रहने की जरूरत है। क्षेत्र के हेमंत जायसवाल ने बताया कि मासूम की मौत के बाद गांव में मातम पसरा है। परिवार के लिए यह अपूरणीय क्षति है। तीन बहनों के इकलौते भाई की मौत से हर कोई गमगीन है। जिस उम्र में कैफ को स्कूल जाने, खेलने और परिवार के साथ समय बिताने की जरूरत थी, उस उम्र में उसकी जिंदगी खत्म हो गई।

Trending Videos
विज्ञापन

इस वर्ष हाईटेंशन तार से जुड़े कई हादसे

जिले में हाईटेंशन लाइनों से जुड़े हादसों में कई लोग जान गंवा चुके हैं, जबकि कुछ लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। अलग-अलग घटनाओं में बिजली की लाइनों के संपर्क में आने से लोगों की जान गई है।

दिसंबर 2025 में श्रीदत्तगंज क्षेत्र के सरहसवा गांव के मजरा पटियाला में बोरिंग के दौरान हादसा हुआ था। करीब 20 फीट लंबी लोहे की पाइप हाईटेंशन लाइन से छू गई थी। करंट की चपेट में आने से उतरौला क्षेत्र के बनगवां नई बस्ती निवासी 61 वर्षीय छिटाई प्रसाद की मौत हो गई थी, जबकि दो अन्य मजदूर झुलस गए थे।

फरवरी 2026 में गैसड़ी क्षेत्र के मुतेहरा गांव में हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से आठ वर्षीय बालक सुमेंद्र थारू गंभीर रूप से झुलस गया था। उसे इलाज के लिए लखनऊ के केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। इसके बाद मई में गैसड़ी नगर पंचायत के वार्ड संख्या 13 में तार टूटकर गिरने से खेल रही छह वर्षीय ईरम और पांच वर्षीय सनाया झुलस गई थीं।

जून 2026 में हरैया सतघरवा क्षेत्र के लंबीकोहल गांव में आम तोड़ते समय 13 वर्षीय हुनायदा बेगम हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गई थी। हादसे में उसकी मौत हो गई थी। इन घटनाओं में बोरिंग के दौरान पाइप के बिजली की लाइन से छूने, खेलते समय टूटे तार की चपेट में आने और पेड़ से आम तोड़ते समय हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आने से लोग हादसों का शिकार हुए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें