बलरामपुर में बसा गया मां पाटेश्वरी विला सिटी।-संवाद
बलरामपुर। विस्थापित बाढ़ पीड़ितों को बेहतर सुविधाओं के साथ दूसरी जगह बसाकर अपना जिला पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बना है। इसे नजीर मानते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव ने प्रदेश के हर जिले में बाढ़ पीड़ितों के लिए ऐसी ही कार्ययोजना तैयार कराने का निर्देश दिया है।
जिले में बाढ़ के कहर से सदर तहसील के कल्याणपुर गांव के 66 परिवार तबाह हो गए थे। न तो उनके पास सिर छिपाने के लिए छत रह गयी थी और न ही रोजी रोजगार बचा था। ऐसे में जिलाधिकारी की पहल पर प्रशासन ने पीड़ितों के लिए मां पाटेश्वरी विला सिटी याेजना को अमल में लाकर न केवल बाढ़ विस्थापितों को घर मुहैय्या कराया वरन उनके लिए खानपान के साथ रोजगार की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराई।
कार्ययोजना के तहत ग्राम कल्याणपुर के 66 परिवारों के लिए टेंगनहिया मानकोट में प्रशासन ने 72.70 लाख रुपये से 0.9760 हेक्टेयर भूमि को खरीदा। इसके बाद यहां पर आवास विकास कालोनी की तर्ज पर 66 मकानों का निर्माण कराया। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 72.90 लाख रुपये व शौचालय निर्माण के लिए 7.92 लाख रुपये का बजट भी स्वीकृत कराया। इन विस्थापितों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रशासन 58 लोगों को पशुपालन से जोड़ने के लिए अब तक 35.48 लाख रुपये से पशु शेड का निर्माण भी करा चुका है। पूरे आवासीय परिसर में 6.99 लाख रुपये से सामुदायिक शेड व 9.94 लाख रुपये से मनरेगा पार्क का निर्माण कराने के साथ ही सड़क, बिजली व पेयजल की सुविधा मुहैया कराकर प्रशासन ने इसे पूरी तरह शहरी लुक भी दिया है।
बाढ़ पीड़ितों के संचालित इस कार्ययोजना की जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी सराहना करते हुए इसे सफल बनाने में पूरा सहयोग किया। इसके तहत सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने 15.15 लाख रुपये से यहां सीसी रोड का निर्माण कराया जबकि विधायक पल्टूराम ने 3.40 लाख से हाई मास्ट लाइट लगवाई। नाली का निर्माण जिला पंचायत अध्यक्ष आरती तिवारी ने 18.67 लाख रुपये से कराया। जबकि जल निगम ने 66 हैंडपंप लगाकर पेयजल का इंतजाम किया।