बलरामपुर। नेपाल से सटे जिले में पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन विकास के कार्यों को गतिमान बनाने की कार्ययोजना पर मंथन कर रहा है। इसके तहत ही शहर में ट्रैफिक जाम की परेशानी से छुटकारा दिलवाने के लिए गोंडा- बहराइच मार्ग पर एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव प्रशासन ने शासन को भेजा है। प्रस्तावित रिंग रोड से शहर की तीन अन्य प्रमुख सड़कों को जोड़ा जाएगा। ताकि इन मार्गों पर ट्रैफिक लोड को कम किया जा सके। यह जानकारी जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने दी।
उन्होंने बताया कि इसके साथ ही इको- टूरिज्म को सुहेलवा वन्य क्षेत्र में विकसित करने के लिए भी एक प्रोजक्ट तैयार किया जा रहा है। इससे क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी स्थानीय लोगों को मुहैया हो सकेंगे। डीएम ने बताया कि जिला स्तरीय विभागों के काम काज में बरती जा रही मनमानी पर भी प्रभावी अंकुश लगाने की रणनीति तैयार की गई है। इसकी जमीनी हकीकत परखने के लिए के अब पंचायत स्तर के कर्मियों से सीधा संवाद कर काम काज में आड़े आ रही परेशानियों को समझ कर दूर कराया जाएगा।
डीएम ने बताया कि केजीएमयू सेटेलाइट सेंटर का भवन निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर इसका संचालन भी शुरू कराया जाएगा। इसका सीधा फायदा जिले के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा के बतौर मिलेगा। बताया कि फुलवरिया ओवरब्रिज का निर्माण पूरा होने से अब बड़े वाहनों का दबाव शहर में कम हुआ है। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के एकजुट प्रयास के कारण ही पोषण कार्य में जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल करने के साथ ही जन समस्याओं के निराकरण में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।