छात्रा का अंतिम संस्कार हो जाने के कारण मौत के चिकित्सकीय कारण की पुष्टि के लिए पोस्टमार्टम नहीं हो सका। सोशल मीडिया पर हार्ट अटैक और डीजे की तेज आवाज को मौत से जोड़कर दावा किया जा रहा है, लेकिन पुलिस की जांच पूरी होने तक इसे मौत का कारण मानना जल्दबाजी होगी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
समितियों के पदाधिकारियों ने इस्तीफा दिया
घटना की चर्चा के बीच श्री गणपति महोत्सव केंद्रीय समन्वय समिति व जय मां दुर्गा पूजा केंद्रीय समन्वय समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. तुलसीश दूबे तथा केंद्रीय गणेश पूजा महोत्सव समिति के मंत्री अंकुर चौहान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की घोषणा की है।
80 डेसीबल से अधिक आवाज से स्वास्थ्य पर असर
जिला मेमोरियल चिकित्सालय के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार सिंह का कहना है कि 80 डेसीबल से अधिक की ध्वनि से शरीर में हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे हृदय संबंधी परेशानी का खतरा बढ़ने की संभावना रहती है। उन्होंने कहा कि संभवतः छात्रा की मौत का यह कारण हो सकता है, लेकिन बिना पोस्टमार्टम के सीधे तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. देवेश चंद्र श्रीवास्तव के अनुसार, बच्चों को बहुत तेज आवाज वाले डीजे, लाउडस्पीकर या आतिशबाजी के बेहद करीब न जाने दें।
- लंबे समय तक तेज आवाज में रहने से बचें। बीच-बीच में बच्चे को शांत वातावरण में आराम दें।
- कानों में दर्द, चक्कर, घबराहट, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण दिखें तो बच्चे को तुरंत शोर से दूर करें।
- बच्चा अचानक बेहोश हो जाए, सांस लेने में परेशानी हो या प्रतिक्रिया न दे तो तत्काल अस्पताल ले जाएं।
- पहले से हृदय, न्यूरोलॉजिकल या अन्य गंभीर बीमारी वाले बच्चों को तेज आवाज से दूर रखना उचित है।