बलरामपुर। तेंदुए के हमले से बालिका की मौत के बाद अब वन विभाग ने जंगल से सटे 40 गांवों में सतर्कता बढ़ा दी है। लोगों को जागरूक किया जा रहा है और वन विभाग के अधिकारियों ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। वहीं तेंदुए को पकड़ने के लिए दस कैमरे भी लगाए गए हैं।
पचपेड़वा में दो दिन पहले तेंदुए के हमले में बालिका की मौत हो गई थी। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जानकारी ली थी। प्रभागीय वनाधिकारी डॉ. सेम्मारन ने बताया कि हमले को देखते हुए स्थिति की निगरानी की जा रही है। आपात स्थिति में क्षेत्रीय वनाधिकारियों के मोबाइल नंबर 9761370553, 7752979493, 9517170830, 7983940669, 8423743407, 9415355934, 9838091751 और 9793479802 पर संपर्क कर लोग सहायता ले सकते हैं।
विधानसभा में गूंजा मुद्दा
गैसड़ी विधायक डॉ. एसपी यादव ने बीते दिनों विधानसभा सत्र में इस प्रकरण को उठाया था। उन्होंने हाल के दिनों में हुई घटनाओं का हवाला देते हुए इसकी रोकथाम को लेकर प्रयास करने की मांग की थी। वे पहले भी अधिकारियों से मिलकर तेंदुए को पकड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कह चुके हैं।
तेंदुए से बचने के लिए क्या करें
- खेतों में कम से कम दो या पांच व्यक्तियों के समूह में ही जाएं।
- गन्ने के खेत में गन्ना काटने से पहले कम से कम 20 व्यक्तियों के समूह में हाका लगाएं।
- छोटे बच्चों को स्कूल, खेल के मैदान, बाजार व आबादी से बाहर अकेले न जाने दें।
- खेतों में जाते समय मोबाइल या रेडियो से लगातार ध्वनि का प्रसारण करते रहें।
- गन्ने की कटाई के समय काम कर रहे मजदूरों की निगरानी के लिए एक व्यक्ति को लगाएं।
- आमतौर पर तेंदुआ झुके हुए लोगों पर ही हमला करता है। ऐसे में खेतों में काम करते समय नेकपैड व हेलमेट पहनें।