बलरामपुर। बिजलीपुर मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीराम कथा में बृहस्पतिवार को कथा वाचक भीष्म पितामह जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाललीला का सुंदर चित्रण किया। कहा कि जब श्रीराम ने दशरथ नंदन के रूप में जन्म लिया तो अयोध्या के जन-जन में नित नूतन उत्साह छा गया। अयोध्यापुरी में नित नूतन महोत्सव होने लगे।
कहा कि एक दिन शंकर जी कागभुशुंडि को बालक बनाकर और स्वयं त्रिकालदर्शी वृद्ध ज्योतिषी का वेष धारणकर शिशुओं का फलादेश बताने के बहाने अयोध्या में प्रवेश कर गए।
माता कौशल्या ने जैसे ही शिशु श्रीराम को ज्योतिषी की गोद में बिठाया तो शंकरजी का रोम-रोम पुलकित हो उठा। श्रीराम कथा सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर छोटेलाल शुक्ल, प्रेम चंद्र मिश्र, पवन, रीशू, आशीष भारती, देवीदीन, राकेश व संजय आदि मौजूद रहे।