बलरामपुर। बेमौसम भारी वर्षा, आंधी-तूफान व आकाशीय बिजली गिरने सहित अन्य आपदाओं से बचाव के लिए अब हर तहसील में एक-एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन बनाया जाएगा। इसके साथ ही हर ब्लॉक मुख्यालय पर दो-दो वर्षा मापी यंत्र भी लगेंगे। डीएम के निर्देश पर वेदर स्टेशन के निर्माण एवं वर्षा मापी यंत्र लगाने के लिए उपयुक्त स्थल की तलाश शुरू कर दी गई है। इसके लिए एडीएम ने सभी तहसील और ब्लाॅक मुख्यालयों में जगह चिह्नित कर इसकी रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
प्राकृतिक आपदाओं से जिले में हर साल भारी क्षति होती है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान आकाशीय बिजली गिरने से होता है। इसकी चपेट में आने से हर साल कई लोगों की जान भी जाती है। इन मौसमी आपदाओं से निपटने और समय पूर्व प्रबंधन की कवायद शुरू करते हुए प्रशासन ने अब मौसम की सटीक जानकारी के लिए जिला मुख्यालय सहित तहसील स्तर पर ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) व ब्लॉक स्तर पर दो-दो वर्षा मापी यंत्र (एआरजी) की स्थापना का फैसला किया है।
एडब्लूएस व एआरजी की स्थापना में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का खर्च आएगा। प्रस्तावित मौसम केंद्र बलरामपुर, उतरौला व तुलसीपुर तहसील परिसर में सौ वर्ग मीटर क्षेत्रफल में स्थापित होगा। जिलाधिकारी अरविंद सिंह ने बताया कि मौसम केंद्र के निर्माण कार्य के लिए शासन से बजट की स्वीकृति भी मिल गई है। निर्माण स्थल का चयन होते ही इसके निर्माण की प्रक्रिया को शुरू कराया जाएगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा किसानों को मिलेगा। उनकी फसल को मौसमी आपाद से काफी हद तक बचाने में मदद भी मिलेगी।
- जिला आपदा प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन की स्थापना के बाद तापमान, आर्द्रता, हवा के प्रवाह, दबाव, दिशा, गति व वर्षा आदि के बारे में हर 15 मिनट पर अपडेट व सटीक जानकारी मिल सकेगी। मैनुअल व्यवस्था में यह सूचना जुटाने में तीन से साढ़े तीन घंटे लग जाते हैं। इसके साथ ही ब्लाकों में स्थापित एआरजी वर्षा की स्थिति, तापमान व आर्द्रता उपलब्ध कराएगा।