एटीएस थाने में दर्ज एफआईआर में छांगुर पर धर्म परिवर्तन के साथ ही विदेशी फंडिंग के भी आरोप हैं। उतरौला कस्बे में ही छांगुर के कॉम्प्लेक्स और दुकानें हैं। कई संपत्तियां तो धर्म परिवर्तन कर चुके नवीन और नीतू के नाम से भी ली गई हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले छांगुर रेहरामाफी में रहता था और उतरौला के एक मजार पर अंगूठी बेचने का काम करता था। अब जिस तरह से जमीन की खरीद फरोख्त में उसका दायरा बढ़ा है, वह चौंकाने वाला है। सूत्रों के अनुसार विदेशी फंडिंग से भी छांगुर को काफी मजबूती मिली। जमीन को लेकर कई विवाद भी हुए, लेकिन तहसील में वह प्रभावी रहता था। मिलीभगत से उसके काम भी हो जाते थे। राजस्व अधिकारी व कर्मचारी भी उसके लिए तैयार रहते थे।
मुरादाबाद, हरियाणा और महाराष्ट्र तक है छांगुर का दायरा
जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पर एटीएस की कार्रवाई के बाद धीरे-धीरे अन्य मामले भी सामने आ रहे हैं। हिंदू मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक मलिक ने केंद्रीय गृहमंत्री से सीबीआई व ईडी जांच कराने की मांग की। उनके पत्र का गृह मंत्रालय ने संज्ञान भी लिया है। पत्र में हरियाणा के भिवानी, महाराष्ट्र के नागपुर, मुंबई की लोनावाला, मुरादाबाद जिले के भगतपुर थाना, नोएडा के सेक्टर 113 थाने में गंभीर मामलों के दर्ज होने का दावा किया गया है। उन्होंने उतरौला और गैड़ास बुजुर्ग थाने के पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी जांच कराने की मांग की है। दीपक के अनुसार स्थानीय स्तर पर मिले संरक्षण के आधार पर ही छांगुर के हौसले बुलंद रहे।
कार्रवाई से कई लोगों की बढ़ी धड़कन
एटीएस की कार्रवाई से स्थानीय स्तर पर कई लोगों की धड़कन बढ़ी है। छांगुर से जुड़े लोगों का तहसील और उतरौला चौराहे पर जमावड़ा रहता था, अब वह दिखाई नहीं दे रहे। एक स्थानीय अधिकारी के अनुसार सभी छुपे हैं। एटीएस की कार्रवाई पर नजर गड़ाए हैं। छांगुर बाबा के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है।
बरती जा रही है सतर्कता
छांगुर के प्रकरण में एटीएस कार्रवाई कर रही है। जांच में पूरा सहयोग दिया जा रहा है। कस्बे में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। हर स्थिति पर नजर है।
- अवधेश राज सिंह, प्रभारी निरीक्षक, उतरौला कोतवाली
(संवाद)