बलरामपुर। जिले में संचालित 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फ्रीज उपलब्ध होने के बाद भी सांप काटने से पीड़ित मरीजों को एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन (एएसवी) नहीं लग पा रहा है। ऐसे में सर्पदंश से पीड़ित मरीजों को त्वरित उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। मरीजों को एएसवी इंजेक्शन लगवाने के लिए सीएचसी व जिला अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ती है। समय पर उपचार न मिलने पर मरीजों की मौत भी हो जाती है।
मरीजों का उपचार कराने के लिए प्रति 30 हजार की आबादी के अनुसार जिले में 24 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित है। यहां मरीजों का इलाज करने के साथ भर्ती करने व प्रसव कराने की सुविधा उपलब्ध है। किसी भी अस्पताल में सर्पदंश के बाद लगने वाला एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन (एएसवी) उपलब्ध नहीं है।
समय पर उपचार न होने से गंवा रहे जान
हरैया सतघरवा क्षेत्र के तेंदुआ नगर गांव निवासी हजरत अली (35) को नौ जून की रात घर में सांप ने डसा था। परिजन इलाज के लिए पीएचसी गुगौली ले गए लेकिन वहां एएसवी न होने को कारण मरीज को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। समय पर उपचार न होने से उनकी मौत हो गई। बारिश के कारण जुलाई महीने में अब तक जिले में सर्पदंश से 35 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं।
निजी में 400 रुपये में लगता है इंजेक्शन
सर्पदंश से पीड़ित लोगों को निजी में एएसवी लगवाने के लिए करीब 400 रुपये खर्च करने पड़ते हैं। जबकि सीएचसी व जिला स्तरीय अस्पताल में इसे मुफ्त उपलब्ध कराया जाता है। इसके उपलब्ध न होने पर पीड़ित भटकते रहते हैं।
पीएचसी पर जल्द शुरू होगी सुविधा
जिले के सभी सीएचसी व जिला स्तरीय अस्पताल में मरीजों को मुफ्त एएसवी लगाई जा रही है। जल्द ही पीएचसी अस्पतालों का भ्रमण कर वहां भी एएसवी लगने की सुविधा शुरू कराई जाएगी।
- डॉ. एसके श्रीवास्तव, एसीएमओ