बलरामपुर। सुपरविजन के काम के अनुरूप भुगतान समेत विभिन्न समस्याओं के समाधान को लेकर आशा संगिनियों ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री के नाम संबोधित दस सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
आशा संगिनी स्वास्थ्य संघ उत्तर प्रदेश की ओर से दिए ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2014 में आशाओं से पदोन्नत होकर आशा संगिनी का चयन किया गया था। मांग किया कि एक संगिनी 24 आशाओं के सुपरविजन के लिए महीने में 24 दिन कार्य करती है, लेकिन मानदेय भी 24 दिन का ही मिलता है। इसे बढ़ाकर 30 दिन का मानदेय करने की मांग की गई। संगिनियों ने अन्य विभागों के सुपरवाइजरों की तरह सुविधाएं और सम्मानजनक वेतन देने की भी मांग रखी।
अंजू गुप्ता ने बताया कि सुपरविजन के लिए उन्हें 40 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है, जबकि प्रति विजिट 300 रुपये का भुगतान किया जाता है। इसे बढ़ाकर 700 रुपये प्रति विजिट करने की मांग की गई। इसके अलावा राज्य स्वास्थ्य कर्मचारी का दर्जा देने और सालाना 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की गई। संगिनियों ने ऑनलाइन कार्य के लिए मोबाइल उपलब्ध कराने, भुगतान में अकारण कटौती नहीं करने और कटौती की स्थिति में लिखित सूचना देने की मांग रखी। किसी संगिनी की मृत्यु होने पर आश्रित को नौकरी और 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता तथा आउटसोर्सिंग का दर्जा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। इस अवसर पर विभा मिश्रा, निर्मला देवी, गुड़िया मिश्रा और माधुरी तिवारी समेत अन्य आशा संगिनियां मौजूद रहीं।