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Balrampur News: बारिश तेज होते ही राप्ती किनारे बढ़ी हलचल, तटवर्ती गांवों में बाढ़ का डर

Sat, 11 Jul 2026 11:14 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-12-बलरामपुर के चौका कला गांव के पास बनाया गया तटबंध ।-संवाद
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बलरामपुर/ललिया। नेपाल के तराई क्षेत्र और जिले के विभिन्न इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण राप्ती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही नदी के तटवर्ती गांवों में बाढ़ की आशंका को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। शुक्रवार रात जलस्तर बढ़ने के बाद कई गांवों के लोग पूरी रात नदी के हालात पर नजर बनाए रहे।
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शुक्रवार को राप्ती नदी का जलस्तर 101.160 मीटर दर्ज किया गया था, जो शनिवार को बढ़कर 102.120 मीटर पहुंच गया। यानी 24 घंटे के भीतर नदी का जलस्तर 0.960 मीटर (96 सेंटीमीटर) बढ़ गया। जलस्तर में वृद्धि के बाद चौका कला, मधवापुर, लालपुर फगुइया, गोसाई पुरवा, मठहा, गुहिचपुरवा और गंगाबख्श भागड़ समेत नदी किनारे बसे गांवों में चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि राप्ती का जलस्तर बढ़ते ही खेतों और निचले इलाकों में पानी पहुंचने लगता है। गंगाबख्श भागड़ निवासी सियाराम यादव ने बताया कि शुक्रवार रात नदी का पानी बढ़ने के बाद गांव में बाढ़ की आशंका को लेकर लोग चिंतित रहे। उन्होंने बताया कि गांव चारों ओर से राप्ती नदी से घिरा है और हर साल बाढ़ के दौरान सबसे पहले यही क्षेत्र प्रभावित होता है। इसी भय के चलते कई परिवार पहले ही गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जा चुके हैं, जबकि अन्य परिवार हर बारिश में बाढ़ के खतरे के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।
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तटबंध बनने के बाद भी नहीं मिटा भय

ग्रामीण सीताराम यादव, राजेंद्र वर्मा, अतवारी, बाबूराम और ननकू ने बताया कि मधवापुर और चौका कला को कटान व बाढ़ से बचाने के लिए करोड़ों रुपये की लागत से तटबंध बनाया गया है। इससे कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन बड़ी बाढ़ की स्थिति में सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों का भरोसा पूरी तरह कायम नहीं हो पाया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि नेपाल से अधिक मात्रा में पानी छोड़ा गया या बारिश लगातार जारी रही तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं। तटबंध के बावजूद राप्ती में उफान आने पर खतरा बना रहने की आशंका से इलाके में भय और अनिश्चितता का माहौल है।

पहाड़ी नालों में भी बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के कारण पहाड़ी नालों में भी पानी बढ़ने लगा है। महराजगंज तराई क्षेत्र और नालों के किनारे बसे गांवों के लोग संभावित जलभराव को लेकर सतर्क हो गए हैं। बारिश जारी रहने पर लौकहवा समेत कई डिप पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन ने भी बाढ़ की स्थिति पर नजर बढ़ा दी है। अधिकारियों के अनुसार बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और शरणालयों व मेडिकल टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है। तटवर्ती और पहाड़ी नालों से प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी की जा रही है।

फोटो-12-बलरामपुर के चौका कला गांव के पास बनाया गया तटबंध ।-संवाद

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