उतरौला (बलरामपुर)। आर्य समाज का 90वां वार्षिकोत्सव नगर में धूमधाम से मनाया जा रहा है। रविवार को आर्य समाज मंदिर में व्याख्यान का आयोजन किया गया। व्याख्यान में वेद की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। व्याख्यान को संबोधित करते हुए पंडित महेंद्र पाल ने कहा कि वेद ही हमें सच्चा मार्ग दिखाता है। मनुष्य से मनुष्य को जोड़ता है। समाज में जो कुरीतियां फैली है, वह वेद से विमुख होने के कारण ही पनप रही हैं। कहा कि स्वामी दयानंद सरस्वती ने स्वधर्म, स्वराष्ट्र, स्वभाषा व स्वसंस्कृति का प्रसार किया। हिंदी ही एक मात्र ऐसी भाषा है, जो संपूर्ण भारत को एक धागे में पिरो रही है।
बताया कि अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध स्वराष्ट्र की आवाज सबसे पहले स्वामी दयानंद ने ही उठाई थी। भजनोपदेशक ठाकुर प्रसाद आर्य ने कहा कि ज्ञान न होने के कारण समाज में कुरीतियां फैली हैं। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिये वेद का ज्ञान होना आवश्यक है। कहाकि जब से हमने वेद पढ़ना छोड़ दिया, तब से दुर्व्यसनों ने घेर लिया। इस अवसर पर रामदेव आर्य, दिनेश कुमार, रामेंद्र गुप्त, फूल सिंह, दिलीप कुमार आर्य, अरविंद सोनी, पवन कश्यप, लवकुश जायसवाल व राम प्रकाश आर्य सहित तमाम लोग मौजूद रहे।