बलरामपुर। बाढ़ पीड़ितों की मदद में सेना के जवान आएंगे। शासन स्तर से जिम्मेदारी मिलने के बाद 16 जाट रेजीमेंट लखनऊ की टीम ने मंगलवार को जिले का एक दिवसीय दौरा किया।
टीम ने जिले के भौगोलिक स्थिति व बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों के संबंध में पूरी ब्यौरा जुटाया। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण की तरफ से टीम के सदस्यों को पूरी जानकारी मुहैया कराई गई।
एडीएम वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार शुक्ल ने लखनऊ से 16 जाट रेजीमेंट के जवानों की टीम को बताया कि बाढ़ की दृष्टि से बलरामपुर जिला बेहद संवेदनशील है। पूर्व के वर्षो में एसडीआरएफ व पीएसी की फ्लड बटालियन बाढ़ बचाव दल का हिस्सा रही है।
कुछ दिन पहले एनडीआरएफ टीम ने जिले का दौरा किया था। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के तत्वाधान में बाढ़ संबंधी मॉकड्रिल का आयोजन एनडीआरएफ की तरफ से कोडरी घाट पर किया गया था। बाढ़ बचाव की तैयारियों की कड़ी में सेना के जवानों को भी इस कार्य में शामिल किया गया है।
आवश्यकता पड़ने पर सेना के जवानों से मदद ली जाएगी। 16 जाट रेजीमेंट लखनऊ के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल दीपक तिवारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय दल सूबेदार सरजीत सिंह, नायक सूबेदार सुक्खा सिंह व नायक विकास ने आपदा प्रबंधन सलाहकार सचिन मदान के साथ बैठक की।
दल के सदस्यों ने बाढ़ प्रभावित गंवों, राहत केंद्रों, राहत चौकी उनमें लगाई गई ड्यूटी आदि के संबंध में जानकारी हासिल की। बाढ़ के दौरान सेना के जवानों की भूमिका, उनके काम करने में आने वाली समस्याओं के समाधान आदि के संबंध में चर्चा की गई।
अधिकारियों के मोबाइल नंबर व बाढ़ बचाव कार्य में लगे जिम्मेदारों के बारे में जानकारी हासिल की। एसडीआरएफ व पीएसी के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर आपदा लिपिक रवि शुक्ल व प्रवीण पांडेय आदि मौजूद रहे।