बलरामपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में जिले को बड़ी सौगात मिली है। प्रदेश सरकार ने जिले में नए 29 स्वास्थ्य उपकेंद्र भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी है। इन भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत को निर्माण इकाई नामित किया गया है। नए उपकेंद्र बनने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। लोगों को अपने गांव के निकट ही बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने बताया कि स्वास्थ्य उपकेंद्र ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। नए भवन तैयार होने के बाद मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, नियमित टीकाकरण, प्रसव पूर्व एवं प्रसव के बाद की जांच, नवजात एवं बच्चों की स्वास्थ्य देखभाल, पोषण संबंधी गतिविधियां तथा गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग पहले से अधिक प्रभावी ढंग से संचालित की जा सकेगी।
विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन में भी गति आएगी। आशा, एएनएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को बेहतर कार्य वातावरण मिलने से सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
यहां बनेंगे स्वास्थ्य उपकेंद्र
बलरामपुर विकासखंड के धर्मपुर, चिरैया, लालाजोत, गंगापुर लखना, गंगापुर बीरपुर, नरायनपुर मझारी, सिंगाही, जोरावरपुर और भगवानपुर शामिल हैं। तुलसीपुर विकासखंड में लैबुड़वा, पूरेबक्स, बदलपुर, फतहनगरा, गुलरिहा एवं बुड़ंतपुर में उपकेंद्र का निर्माण होगा। हरैया सतघरवा ब्लाक में फुलवरिया, जोरावरडीह, इमिलिया, भितवरिया कला एवं अंबरनगर में निर्माण होगा। गैसड़ी विकासखंड में पुरैना, बगहीसीर एवं गौरा बगनहा में उपकेंद्र बनेगा। श्रीदत्तगंज ब्लाक में लखमा, रूखी मझारी एवं पिपरी कोल्हुई और गैंडास बुजुर्ग विकासखंड में टेढ़वा नवाबाद, दुधरा एवं पकड़ी भुवारि में स्वास्थ्य उपकेंद्र के भवन बनाए जाएंगे।