बलरामपुर। भूमि व बीज शोधन करके बोआई करने से फसलों की अच्छी पैदावार होगी। जिले की 101 न्याय पंचायतों में 15 जून तक जागरूकता अभियान चलाने की तैयारी है। कृषि विभाग की टीमें सभी न्याय पंचायतों में किसानों को खरीफ की बोआई करने के लिए जागरूक करेंगी। जागरूकता कार्यक्रमों में किसानों से जुटने की अपील की गई है। जायद की फसलों में कीट लगने व रोगों के संबंध में जानकारी करने के लिए संपर्क करने की सलाह दी गई है।
जिला कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेशु कुमार गौतम ने शनिवार को बताया कि खरीफ फसलों में अभी धान की नर्सरी की बोआई की जा रही है। आने वाले समय में उड़द, मूंग, मक्का व अरहर आदि की बोआई की जाएगी। खरीफ फसलों की बोआई से पहले बायोपेस्टीसाइड ट्राईकोडर्मा/ब्यूवेरिया बैसियाना का प्रयोग कर भूमि/बीज शोधन अवश्य कर लें। बीज व भूमि शोधन करने से फसलों को कई रोगों से सुरक्षा मिलेगी। फसलों की अच्छी पैदावार होगी। फसलों के उत्पादन में बढ़ोत्तरी से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। धान के बीज का शोधन करने के लिए स्ट्रेप्टोमाइसीन सल्फेट 90 फीसदी व टेट्रासाइक्लीन हाइड्रोक्लोराइड 10 फीसदी की एक ग्राम मात्रा छह किलोग्राम बीज के लिए पर्याप्त होगी। कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी दो ग्राम अथवा थीरम 75 प्रतिशत डीएस तीन ग्राम अथवा ट्राइकोडर्मा पांच ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन कर धान के नर्सरी की बोआई करें।
उड़द, मूंग व अरहर के बीज शोधन में कार्बेंडाजिम 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी दो ग्राम प्रति किलोग्राम अथवा ट्राइकोडर्मा पांच ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से बीज शोधन कर बोआई करें। कृषि विभाग द्वारा जिले की 101 न्याय पंचायतों में बीज व भूमि शोधन के लिए 15 जून तक किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिले के सभी नौ ब्लॉकों के सहायक विकास अधिकारियों व कृषि रक्षा अधिकारियों को अभियान का पर्यवेक्षण करने का दायित्व सौंपा गया है। कीट व रोग नियंत्रण के संबंध में व्हाट्एएप नंबर 9452247111 व 9452257111 पर फोटो भेजकर 48 घंटे में समाधान प्राप्त कर सकते हैं।