बलरामपुर के बड़हरी गांव के पास की वर्तमान स्थिति।-संवाद
गैड़ास बुजुर्ग/बलरामपुर। जमीन के बाद अब राप्ती नदी की जद में गैड़ास बुजुर्ग ब्लॉक का बड़हरी गांव आ गया है। अब तक गांव के 27 किसानों की 175 बीघे जमीन राप्ती नदी में समाहित हो चुकी है। नदी व गांव के बीच अब फासला नहीं रह गया है। लोगों को उनके घरों का कटान में समाने का डर सता रहा है। ऐसे में यदि बरसात से पहले कटानरोधी कार्य नहीं कराया गया तो बड़हरी गांव का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा।
ग्रामीण भूषण लाल बताते हैं कि राप्ती व बूढ़ी राप्ती नदी के साथ सोहेलवा जंगल से निकले 17 पहाड़ी नाले भी बाढ़ का कहा बरपाते हैं। उतरौला तहसील में सबसे अधिक नुकसान होता है। हर वर्ष बड़हरी गांव के लोगों को राप्ती नदी के बाढ़ व कटान की समस्या झेलनी पड़ती है। गांव हर साल बाढ़ व कटान की चपेट में आता है। राप्ती नदी की धारा गांव की तरफ तेजी से बढ़ती जा रही है। नदी के कटान का डर ग्रामीणों को सता रहा है। गांव के किसान केवल रबी की फसल पर निर्भर हैं। खरीफ की फसल बाढ़ के कारण हर वर्ष चौपट हो जाती है। वहीं कटान से किसानों के खेत भी नदी में समाहित हो गए हैं, जिससे लोगों को अपना परिवार पालने के लिए दूसरे शहरों में जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। (संवाद)
कटान से प्रभावित किसान
किसान का नाम-बर्बाद भूमि (बीघे में)
भूषण लाल-10 बीघे
याकूब-पांच बीघे
बालकराम-10 बीघे
अंगद-10 बीघे
राम मूरत-10 बीघे
राम निवास-पांच बीघे
अब्दुल मजीद-10 बीघे
करम हुसैन- पांच बीघे
बैतुल्लाह-10 बीघे
बजट का प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश
बड़हरी गांव के पास कटानरोधी कार्य के लिए बाढ़ खंड को प्रस्ताव तैयार कराने का निर्देश दिया गया है। जैसे ही शासन से बजट स्वीकृत होगा, कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- राजेंद्र बहादुर, एसडीएम उतरौला