बलरामपुर। साथियों की हत्या व उत्पीड़न पर जिले के अधिवक्ताओं ने आक्रोश जताया है। वकीलों ने शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा है। वकीलों ने अधिवक्ताओं की हत्या और उत्पीड़न करने के मामले में दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है वहीं उतरौला में भी वकीलों ने अपनी मांगों के समर्थन में तहसीलदार न्यायिक को ज्ञापन सौंपा है।
डिस्ट्रिक्ट सिविल बार एसोसिएशन के संयुक्त सचिव अजय बहादुर सिंह, अजीत प्रताप सिंह, अलीमुल हक, संजय पांडेय, अमित पांडेय, प्रशांत ओझा, शरद वर्मा व संजय तिवारी आदि ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा।
राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने कहा है कि प्रदेश में वकीलों की हत्या व उत्पीड़न के मामलों में पुलिस और माफियाओं की सांठ गांठ का खेल चल रहा है। हाल में ही दारागंज की पुलिस ने अधिवक्ता शशांक मिश्र की बेवजह पिटाई करके वाहन का चालान व सीज कर दिया।
महोबा में अधिवक्ता मुकेश पाठक व मेरठ में ओंकर सिंह तोमर ने अराजक तत्वों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली है। तेलंगाना में अधिवक्ता दंपति की दिन दहाड़े हत्या कर दी गई है। इन सभी प्रकरणों को लेकर वकीलों में भारी आक्रोश है।
वकीलों ने राज्यपाल से मांग की है कि प्रदेश भर में अधिवक्ताओं के साथ ही रही हत्या व उत्पीड़न की घटनाओं पर अंकुश लगाया जाए। वकीलों के लिए सुरक्षा एक्ट लागू किए जाए। पीड़ित परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी दी जाए। इस अवसर पर तमाम वकील मौजूद रहे।
उधर उतरौला में बार कौंसिल के आह्वान पर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष प्रहलाद यादव व महामंत्री अखिलेश सिंह के नेतृत्व में तीन सूत्री ज्ञापन तहसीलदार न्यायिक नरेंद्र राम को सौंपा गया।