तुलसीपुर (बलरामपुर)। एसडीएम व तहसीलदार की कार्यशैली को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश व्याप्त है। वकीलों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई है। अधिवक्ताओं ने 20 सितंबर से एसडीएम व तहसीलदार के न्यायालय का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए बार एसोसिएशन तुलसीपुर के अध्यक्ष कमल नयन तिवारी ने कहा कि एसडीएम तथा तहसीलदार की कार्यशैली एवं मनमाने रवैये से वकीलों को असुविधा होती है। उनके कार्यालयों में वादकारियों की समस्याओं का निस्तारण करने के बजाए हीलाहवाली की जाती है।
वकीलों ने इन अधिकारियों के मनमाने रवैये की शिकायत उच्चाधिकारियों से की, लेकिन इनके खिलाफ न तो कोई कार्रवाई हुई और न इनका रवैया ही सुधरा। एसडीएम व तहसीलदार की कार्यशैली से अधिवक्ताओं में आक्रोश है। बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि इनकी कार्यशैली के विरोध में 20 सितंबर से सभी अधिवक्ता इनके न्यायालयों का बहिष्कार करेंगे।
कोई भी अधिवक्ता इन अधिकारियों से किसी तरह की बात नहीं करेगा। यदि कोई वकील इन अधिकारियों के न्यायालयों में कार्य करता पाया गया तो उसे संघ एवं आपदा राहत कोष से निष्कासित कर दिया जाएगा। इस मौके पर महामंत्री रामकुमार शुक्ला, रवींद्र कुमार शुक्ला, संतोष कुमार सोनी, सोनिल कुमार गुप्ता, केशवानंद विश्वकर्मा, शिवेंद्र दुबे, राजेश्वरनाथ मिश्रा, ओमकार नाथ यादव आदि मौजूद रहे।