बलरामपुर। अधिवक्ताओं के वकालत प्रैक्टिस प्रमाणपत्र का नवीनीकरण 31 दिसबंर तक होना है। वकालत को पेशे के बतौर अपनाने वाले वास्तविक अधिवक्ताओं की पहचान के लिए नवीनीकरण की इस व्यवस्था को लागू किया गया है। ताकि महज पंजीकरण कराकर अन्य व्यवसायों में जुटने वालों को चिह्नित किया जा सके।
पूर्व में बनाई गई इस प्रक्रिया में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश की ओर से परिचय पत्र भी जारी होगा। पूर्व में जारी अधिवक्ताओं का नवीनीकरण प्रमाण पत्र एक जनवरी 2018 से 31 दिसंबर 2022 तक वैध था। इस मामले में अब फिर से इन प्रमाणपत्रों व परिचयपत्रों के नवीनीकरण की कार्रवाई आरंभ हो गई है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामानंद मिश्र और महासचिव अजय बहादुर सिंह का कहना है कि अधिवक्ताओं को अपने प्रमाणपत्रों के नवीनीकरण के लिए वर्ष 2018 से 2023 तक प्रत्येक साल के अदालत में पेश किए वकालतनामे की सत्यापित प्रति दाखिल करना होगी। इसमें 2021 के कोरोना काल की छूट रहेगी। इसके साथ ही अधिवक्ताओं को निर्धारित शुल्क भी जमा करना होगा। उन्होंने नवीनीकरण के लिए अधिवक्ताओं से जल्द ही अपने आवेदन पत्र जमा करने की अपील भी की।