बलरामपुर। गरीब परिवार के बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए लागू की गई योजना जिले में दम तोड़ती दिख रही है। अलाभित समूह के बच्चों का दाखिला न करने की शिकायत के बाद अब जांच शुरू हो गई है।
आरटीई 2009 के तहत सभी निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों का निशुल्क प्रवेश होता है। इन बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च बेसिक शिक्षा विभाग संबंधित विद्यालय को देता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए अभिभावक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते हैं। इसके बाद बीएसए लाॅटरी के जरिए लाभार्थी बच्चों का चयन कर उनकी सूची बीईओ तथा संबंधित स्कूलों को भेज देते हैं।
अभिभावक बंशीलाल, सूरज कुमार, अनिल कुमार, श्याम किशोर वर्मा व कृष्ण कुमार यादव आदि ने बताया कि स्कूल प्रबंधन के लोग एक महीने से दौड़ा रहे है, लेकिन बच्चों का दाखिला अब तक नहीं किया। बीएसए कल्पना देेवी ने बताया कि अलाभित बच्चों के एडमीशन का आदेश देर से जारी होने के कारण चयनित बच्चों के पंजीकरण में देर हुई है। कुछ अभिभावकों की शिकायत मिली है, जांच के लिए जिला समन्वयक को स्कूल भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट जानकारी दी जा सकती है।
99 बच्चों का 28 अप्रैल तक होना था प्रवेश
मुफ्त दाखिला के लिए बेसिक शिक्षा विभाग पहले चरण में 49 व दूसरे चरण में 50 बच्चों का चयन कर उन्हें स्कूल आवंटित कर चुका है। 28 अप्रैल तक इन सभी 99 बच्चों का दाखिला होना था, लेकिन अधिकांश का प्रवेश अब तक नहीं हुआ है।
नहीं मिला प्रवेश, चार घंटे गेट पर बैठाया
भगवतीगंज निवासी अब्दुल सलाम ने बताया कि 24 मार्च को पहली सूची में बेटे अब्दुल रहीम का चयन हुआ था। सभी अभिलेख देने के बाद भी एडमीशन नहीं हुआ। गार्ड विद्यालय में घुसने नहीं देते हैं, चार घंटे गेट पर बिठाने के बाद वापस भेज देते हैं। सिविल लाइन निवासी अंशुमान दीक्षित ने बताया कि बेटी श्रेयांशी का दाखिला न होने पर डीएम से शिकायत की है।