फोटो-13-बलरामपुर के रेहरा बाजार में संचालित डिजिटल लाइब्रेरी।-संवाद
बलरामपुर। ग्राम पंचायतों में स्थापित डिजिटल लाइब्रेरियों के संचालन और संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी अशोक कुमार ने मानक संचालन प्रक्रिया जारी की है। इसके तहत लाइब्रेरी के भवन, किताबों, फर्नीचर और आईटी उपकरणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव की होगी। लापरवाही, क्षति या दुरुपयोग की पुष्टि होने पर सचिव के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीपीआरओ ने बताया कि डिजिटल लाइब्रेरी का संचालन निर्धारित सुरक्षित कक्ष में ही किया जाएगा। कक्ष का अन्य कार्यों में इस्तेमाल नहीं होगा। कार्य समाप्त होने के बाद कक्ष बंद करने और चाबी सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी पंचायत सहायक व सचिव की होगी। पंचायत सहायक का पद रिक्त होने पर यह जिम्मेदारी सचिव की होगी। पुस्तकों का स्टॉक रजिस्टर में दर्ज करने के साथ उनके जारी और वापसी का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। फर्नीचर को नमी, रिसाव और दीमक से बचाने के इंतजाम करने होंगे।
आईटी उपकरणों का इस्तेमाल अधिकृत व्यक्ति ही कर सकेंगे। तकनीकी खराबी पर उपकरण बाहर ले जाने के लिए गेट पास जारी कर रजिस्टर में विवरण दर्ज करना होगा। सचिव को हर महीने लाइब्रेरी का निरीक्षण कर स्थिति निरीक्षण पंजिका में दर्ज करनी होगी। एडीओ पंचायत, डीपीआरओ और उपनिदेशक पंचायत भी निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी की जांच करेंगे। लाइब्रेरी के बाहर नागरिक चार्टर लगाकर सुविधाएं, संचालन समय, पात्रता, शिकायत निवारण और प्रभारी का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा।