बलरामपुर। शौचालय निर्माण में अनियमितता पर ग्राम पंचायत सचिव से जवाब तलब किया गया है। सात दिन में संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। डीपीआरओ के औचक निरीक्षण में शौचालयों के निर्माण में खामियां पाई गई हैं। शौचालयों का प्रयोग न होने पर लाभार्थियों से शासकीय धनराशि भी वसूलने की चेतावनी जारी की गई है।
डीपीआरओ नरेश चंद्र ने गुरुवार को बताया कि सदर ब्लॉक के बहरेकुइंया गांव में बने शौचालयों के प्रयोग आदि की जानकारी के लिए उन्होंने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव में बने 95 प्रतिशत शौचालयों का कोई प्रयोग होता नहीं पाया गया। गांव के सभी नवनिर्मित शौचालयों में भूसे, उपले, अनाज व लकड़ियां रखी पाई गईं। गांव के 75 प्रतिशत शौचालयों का निर्माण भी आधा-अधूरा पाया गया है।
शौचालयों के आधे-अधूरे व प्रयोग न होने से सरकार की तरफ से दी गई प्रत्येक लाभार्थी को 12 हजार रुपये बेकार हो रहे हैं। सरकारी धन का दुरुपयोग करने के आरोप में ग्राम पंचायत सचिव बहरेकुइयां धनंजय यादव से जवाब तलब किया गया है। सात दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर विधिक कार्रवाई किए जाने की चेतावनी दी गई है।
गांव के सभी लाभार्थियों से शौचालयों का अन्य कार्यों में प्रयोग न करने का निर्देश दिया गया है। औचक निरीक्षण के दौरान शौचालयों का दुरुपयोग पाया जाएगा तो संबंधित लाभार्थी से शासकीय धन की वसूली की जाएगी। डीपीआरओ ने जिले के लाभार्थियों से शौचालयों का प्रयोग करने की अपील की है।