बलरामपुर। जिले में शुक्रवार को मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी और बारिश के बीच बिजली गिरने से एक युवक की मौत हो गई। वहीं तेज हवा और बारिश ने किसानों की फसलों पर कहर बरपा दिया। सुबह से ही घने बादल छाए रहे और दोपहर तक कई इलाकों में तेज बारिश व बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रहा, जिससे आम जनजीवन और खेती-किसानी प्रभावित हुए।
तहसील सदर क्षेत्र के धुसाह गांव निवासी तीरथ वर्मा (30) शुक्रवार सुबह करीब 11:45 बजे एफसीआई गोदाम के पास मौजूद थे। इसी दौरान तेज गरज के साथ अचानक बिजली गिरी, जिसकी चपेट में आकर उनकी मौके पर ही मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों में अफरातफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। एसडीएम हेमंत गुप्ता ने बताया कि घटना की रिपोर्ट तैयार की जा रही है और पीड़ित परिवार को शासन स्तर से मिलने वाली सहायता दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
मौसम के बदले तेवर का सबसे ज्यादा असर किसानों और पशुपालकों पर पड़ा है। गौरा चौराहा क्षेत्र के बेनीनगर और आसपास के गांवों में सुबह से ही बादल छाए रहे और करीब 10 बजे के बाद बारिश शुरू हो गई। लगातार खराब मौसम के कारण चरवाहों के मवेशी लंबे समय तक बंधे रहे और उन्हें चारा नहीं मिल सका। गो पालक अलगाई यादव ने बताया कि उनके पास करीब डेढ़ सौ गाय-बछड़े हैं, जो पूरी तरह चारागाह पर निर्भर हैं। बारिश के चलते दोपहर तक उन्हें भूखे-प्यासे रखना पड़ा। बाद में बूंदाबांदी में ही उन्हें खेतों की ओर ले जाया गया।
खेतों में कटी पड़ीं फसलें बारिश से प्रभावित
खेतों में कटी पड़ी फसलों पर भी मौसम की मार साफ दिखी। मसूर की कटी फसल बारिश से भीग गई, जिससे उसके खराब होने का खतरा बढ़ गया है। गौरा चौराहा क्षेत्र के किसान धनंजय कुमार, सुरेश शुक्ला और गंगाधर पाठक ने बताया कि यदि बारिश जारी रही तो मसूर और सरसों की फसल को नुकसान होगा। रेहराबाजार विकास खंड में बारिश और हवा के चलते सरसों की तैयार फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान राममूरत, जगदंबा, बृजलाल और सुभाष ने बताया कि इस समय कटाई-मड़ाई का कार्य चल रहा था, जो बारिश के कारण प्रभावित हो गया। उतरौला क्षेत्र में भी बारिश और तेज हवा के चलते गेहूं, सरसों और लाही की फसल खेतों में पसर गई। किसान ब्रजेश वर्मा और राजमणि तिवारी ने बताया कि कटी हुई सरसों खेत में ही पड़ी है, जो भीगने से खराब हो सकती है। वहीं बागवानी से जुड़े भोला ने बताया कि तेज हवा और नमी के कारण आम के पेड़ों की बौर भी प्रभावित हो रही है।
पचपेड़वा में सर्वाधिक 22 मिमी बारिश
शुक्रवार को पूरे जिले में 13 मिलीमीटर बारिश हुई है। जिला आपदा विशेषज्ञ अरुण सिंह ने बताया कि शहर में सबसे कम पांच मिमी. बारिश हुई है, वहीं पचपेड़वा में सबसे ज्यादा 22 मिमी बारिश हुई है। इसके अलावा तुलसीपुर में 19 और उतरौला में 18 मिमी बारिश हुई है। बताया कि अन्य क्षेत्रों में 12 से 14 मिमी बारिश होने की सूचना है। बताया कि हवा तेज न चलने से फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।