बलरामपुर। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अनूप कुमार पांडेय ने 22 जनवरी को मुकदमों की सुनवाई के दौरान लोक सेवक के साथ मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को जेल में बिताई अवधि की सजा सुनाई है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद दोषी को सात दिन जेल में रखा गया था। न्यायाधीश ने दोषी पर चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। 27 वर्ष बाद मुकदमे का फैसला हुआ है।
नगर क्षेत्र के ग्राम कालीथान बिजलीपुर निवासी मुन्नालाल पथरकट के खिलाफ 30 सितंबर 1997 को लोक सेवक के साथ मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने की एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मुन्नालाल को जेल भेज दिया था। सात दिन जेल में रहने के बाद मुन्नालाल को जमानत मिल गई थी। पुलिस ने विवेचना के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मुन्नालाल को लोक सेवक के साथ मारपीट व सरकारी कार्य में बाधा डालने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई। (संवाद)