बलरामपुर। बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित आश्रय और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जिले में करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक स्थायी बाढ़ राहत केंद्र बनाया जाएगा। केंद्र में बाढ़ के दौरान प्रभावित परिवारों के ठहरने के साथ स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और राजस्व संबंधी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। महिला और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए जाएंगे।
राहत केंद्र में प्रभावित लोगों के उपचार के लिए डॉक्टर, जबकि पशुओं की देखभाल के लिए पशु चिकित्सक तैनात रहेगा। राहत कार्यों के समन्वय और प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए राजस्व कर्मी भी मौजूद रहेंगे। इससे लोगों को जरूरी सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
केंद्र का निर्माण इस तरह किया जाएगा कि बाढ़ के बाद भी भवन का उपयोग हो सके। सामान्य दिनों में यहां शादी-विवाह, सामाजिक और अन्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इससे सरकारी धन से तैयार होने वाला भवन सालभर उपयोगी बना रहेगा।
डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन ने कहा कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। स्थायी राहत केंद्र में स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और राजस्व संबंधी व्यवस्थाएं उपलब्ध रहेंगी। बाढ़ के बाद भी इसका उपयोग जनहित और सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाएगा।