बलरामपुर के झारखंडी मंदिर में हवन-पूजन करते श्रद्धालु।
बलरामपुर। सावन मास के अंतिम सोमवार को जिलेभर के शिवालय हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गूंज उठे। नगर के झारखंडी मंदिर, उतरौला के दुखहरण नाथ मंदिर, तुलसीपुर के देवीपाटन मंदिर, पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम और राजापुर भरिया जंगल स्थित कल्पेश्वर नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली का आशीर्वाद मांगा।
नगर के झारखंडी मंदिर में भोर पहर से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। हाथों में गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा और फूल लिए भक्तों ने कतारबद्ध होकर भगवान भोलेनाथ का पूजन किया। मंदिर परिसर में हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं और युवतियों ने भी बड़ी संख्या में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिसकर्मी तैनात रहे। उतरौला के दुखहरण नाथ मंदिर में भी सावन माह के अंतिम सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। भोर में मंदिर के कपाट खुलने के बाद से ही दर्शन और जलाभिषेक करने के लिए कतार लग गई।
तुलसीपुर स्थित देवीपाटन मंदिर में भी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना की। पचपेड़वा के शिवगढ़ धाम और राजापुर भरिया जंगल के कल्पेश्वर नाथ मंदिर में दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने मंदिरों में रुद्राभिषेक और विशेष पूजन कराया। सादुल्लाहनगर स्थित सिद्धेश्वरनाथ मंदिर में सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। भक्तों ने भोलेनाथ का जलाभिषेक करके सुख-समृद्धि की कामना की।
बलरामपुर के झारखंडी मंदिर में हवन-पूजन करते श्रद्धालु।
बलरामपुर के झारखंडी मंदिर में हवन-पूजन करते श्रद्धालु।
बलरामपुर के झारखंडी मंदिर में हवन-पूजन करते श्रद्धालु।
बलरामपुर के झारखंडी मंदिर में हवन-पूजन करते श्रद्धालु।