फोटो-22-बलरामपुर के मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में मौजूद विद्यार्थी।-स्रोत : स्कूल
तुलसीपुर। आदि शक्ति मां पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में मंगलवार को ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ और महंत अवेद्यनाथ की पुण्यतिथि पर व्याख्यानमाला आयोजित की गई। इस दौरान दोनों महान विभूतियों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
मुख्य अतिथि एवं मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने कहा कि दोनों ब्रह्मलीन महंतों ने समाज, राष्ट्र, अध्यात्म और शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान दिया। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में शिक्षा को केवल पुस्तकीय ज्ञान और डिग्री तक सीमित नहीं रखा जा सकता। शिक्षा को कौशल, रोजगार और नवाचार से जोड़ना आवश्यक है, ताकि विद्यार्थी आत्मनिर्भर बन सकें।
कुलपति ने विद्यार्थियों से बदलती तकनीक का सकारात्मक उपयोग करने और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में सफलता हासिल करना नहीं, बल्कि अनुशासित, रचनात्मक और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक तैयार करना भी है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. डीपी सिंह ने की। उन्होंने कहा कि महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज और महंत अवेद्यनाथ जी महाराज का जीवन समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्शों को जीवन में उतारकर ही मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया जा सकता है।
बीना पांडेय ने कार्यक्रम का संचालन किया। व्याख्यानमाला में विद्यालय के 300 विद्यार्थियों और शिक्षकों ने सहभागिता की। इस दौरान सभी ने दोनों महान विभूतियों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।