बलरामपुर। नगरीय इलाकों में रह रहे गरीबों को प्रधानमंत्री शहरी आवास में एक और मामला सामने आया है। आठ सर्वेयर पर मुकदमे के बाद 98 लोगों ने आवास लेने से ही हाथ खड़े कर दिए हैं। इधर, पुलिस ने मामले की जांच तेज करते हुए विभाग से अभिलेख मांगें हैं।
शहरी इलाकों में रह रहे गरीबों को चयनित करने के लिए सर्वे कराया गया था। इसमें गरीबों के स्थान पर अमीरों का चयन कर लिया गया था। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने दोबारा सत्यापन कराया। इसमें 41 ऐसे मामले पकड़ में आने के बाद सर्वे करने वाले आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। परियोजना अधिकारी डूडा विजया तिवारी ने बताया कि सर्वे कंपनी की ओर से जिन पात्रों का चयन करके भेजा गया था, आवास देने से पहले सभी का सत्यापन कराया जा रहा है। इसके लिए अलग से टीम लगाई गई है। इसी बीच 98 लोगों ने लिखकर दिया है कि उन्हें आवास नहीं चाहिए। देहात कोतवाल राज कुमार सरोज का कहना है कि पूरे मामले की जांच चल रही है। रिकाॅर्ड मांगे गए हैं।
इधर, पुलिस ने नगर पंचायत पचपेड़वा में वित्तीय अनियमितता के मामले को लेकर दर्ज मुकदमे की जांच शुरू कर दी है। वर्ष 2012 में हुई खरीदारी की पत्रावली तलब की गई है। सीओ राघवेंद्र सिंह का कहना है कि जांच की जा रही है।