बलरामपुर के इमिलिया खादर में कराया जा रहा तटबंध का निर्माण ।
बलरामपुर। जिले में 30.76 करोड़ से चल रहीं बाढ़ सुरक्षा परियोजनाएं अंतिम चरण में हैं। करीब 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम भी तेजी से कराया जा रहा है, जिससे इस वर्ष बाढ़ के दौरान तटवर्ती गांवों और कृषि भूमि को बेहतर सुरक्षा मिल सके।
राप्ती नदी के बाएं तट पर ग्राम चौकाकला एवं मधवापुर की सुरक्षा के लिए पंचायत भवन के निकट कटाव से बचाव के लिए काम कराया जा रहा है। इस परियोजना की लागत करीब 3.50 करोड़ है। भोजपुर-शाहपुर तटबंध के किमी 6.650 से 7.100 के मध्य बोल्डर लगाकर कटान के लिए रिवेटमेंट कार्य पर करीब 7.74 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसी प्रकार करमहना-भोजपुर तटबंध के किमी 13.650 से 13.900 के मध्य बोल्डर रिवेटमेंट कार्य की लागत 2.46 करोड़ रुपये है।
बूढ़ी राप्ती नदी के इमिलिया खादर तटबंध पर बरगदहा सोहना के निकट गैप भरने और किमी 0.450 से 4.400 तक तटबंध के पुनर्स्थापना के काम पर करीब 4.87 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके अलावा राप्ती मुख्य नहर के किमी 79.350 पर कास रेगुलेटर के निर्माण पर 12.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
ग्रामीण रामदयाल यादव, प्रभूदीन, मेहताब, राजेंद्र व माहतो आदि ने बताया कि हर वर्ष बरसात में नदी कटान का खतरा बना रहता था। इस बार समय से पहले तटबंध मजबूत होने से लोगों को राहत की उम्मीद है। परियोजनाएं पूरी होने के बाद गांव और खेती दोनों अधिक सुरक्षित रहेंगे।
सभी परियोजनाओं का लगभग 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष काम भी तेजी से कराया जा रहा है। निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि बाढ़ के समय तटबंध पूरी मजबूती से नदी के दबाव को झेल सकें और तटवर्ती गांवों को कटान से सुरक्षित रखा जा सके।
भरत राम, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड