बलरामपुर। सख्ती बरतने के तमाम दावे के बावजूद बीते एक साल से शहर की सड़कों पर करीब 80 स्कूली वाहन बिना फिटनेस के फर्राटा भर रहे हैं। इन वाहन संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई सिर्फ नोटिस देने तक ही सिमटी है। इस कारण ऐसे वाहनों से स्कूल आने व जाने वाले बच्चों की सुरक्षा दांव पर है। आला अफसरों की नाराजगी के बाद परिवहन विभाग जिम्मेदार अब ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
एआरटीओ अरविंद कुमार यादव ने बताया कि इस मामले में अब स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय कर ऐसे स्कूली वाहनों का पंजीकरण निरस्त करने के साथ ही स्कूल की मान्यता भी निरस्त किए जाने की संस्तुति भी जिलाधिकारी से की जाएगी। साथ ही बिना फिटनेस के दौड़ने वाले ऐसे स्कूली वाहनों को अब मौके पर सीज भी किया जाएगा।
जिले के 167 विद्यालयों में कुल 347 छोटे बड़े वाहन संचालित किये जा रहे हैं। बीते दिनों स्कूलों में चल रहे वाहनों की फिटनेस का समय समाप्त होने के बाद एआरटीओ ने स्कूली वाहन संचालकों को नोटिस देकर फिटनेस करने का निर्देश दिया था। नोटिस मिलने पर 267 वाहनों का फिटनेस करा लिया गया। लेकिन अब तक 80 स्कूली वाहनों ने फिटनेस नहीं कराया।
दूसरी तरफ सर्वर धीमा चलने से परिवहन विभाग में संचालित ऑनलाइन काम काज बीते 15 दिनों से प्रभावित चल रहे हैं। धीमी गति से सर्वर चलने के कारण चंद मिनटों में होने वाले कार्य में भी कई घंटे लग रहे हैं। सबसे ज्यादा परेशानी डीएल व वाहन संबंधी तमाम अन्य कार्य के लिए ऑनलाइन आवेदन करने में हो रही है। सर्वर स्लो चलने से वाहनों का रजिट्रेशन, फिटनेस, ट्रांसफर, नये लाइसेस,पंजीकरण व कैंसिलेशन सहित वाहन संबंधी अन्य कार्य भी न हो पाने से जरूरतमंद परेशान हो रहे हैं।