बलरामपुर। खेल प्रतिभाओं के सपनों पर ब्रेक लगाकर शिक्षा विभाग के जिम्मेदार अब चुप्पी साधे हैं। वह चयनित खिलाड़ियों को आगे अवसर मुहैया कराने का भरोसा दिलाकर मुंह न खोलने की ताकीद भी कर रहे हैं। इससे खिलाड़ी विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावक भी सकते में हैं।
ताइक्वांडों की मंडलीय प्रतियोगिता में चयनित नौ खिलाड़ियाें में छह बेटियों ने गोल्ड मेडल हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया था। इसके बाद राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक जीत कर अपने जिले का नाम रोशन करने की उनकी हसरत विभागीय लापरवाही की भेंट चढ़ गई। अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने की तैयारी के साथ मिर्जापुर पहुंचने पर उन्हें पता चला कि हिस्सेदारी के लिए पूर्व सत्यापन न होने के कारण उन्हें प्रतियोगिता में हिस्सेदारी के अयोग्य घोषित कर दिया गया है। इससे उन्हें बिना खेले ही वापस लौटना पड़ा। मंडलीय खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली प्राची शुक्ला, सदफ, आकिब अंसारी व प्रज्जवला सिंह रजवार का कहना है कि राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए वह कई दिनों से तैयारी कर रहे थे। कुछ लोगों की थोड़ी सी लापरवाही के कारण इसमें पदक जीतने का सपना अधूरा रह गया। दूसरी तरफ संयुक्त शिक्षा निदेशक माध्यमिक आनंद कर पांडेय का कहना है कि विभागीय स्तर पर इसमें लापरवाही बरतने वाले की खोज की जा रही है। गलती साबित होने पर ही दोषी के खिलाफ कार्रवाई तय होगी।