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पहले दिन के हड़ताल में 80 करोड़ का लेनदेन ठप

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बलरमपुर। दो बैंकों के निजीकरण प्रस्ताव को लेकर सोमवार को सरकार के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर विरोध जताया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले नौ यूनियन के कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों के हड़ताल से बैंक ग्राहकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पहले दिन के हड़ताल से बैंकों में 80 करोड़ रुपये का लेनदेन ठप रहा है।
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यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के जिला मंत्री संजय शुक्ल ने वीर विनय चौराहे के पास स्थित एसबीआई शाखा के सामने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन बलरामपुर की तरफ से प्रथम ग्रामीण बैंक कर्मचारी संघ की अगुवाई में पैदल मार्च निकाल कर विरोध जताया गया है।
रिटायर्ड कर्मचारी यूनियन के सदस्यों के साथ साथ जिले में स्थित सभी नेशनल बैंक जैसे इलाहाबाद इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक के साथ-साथ सभी कर्मचारियों ने भाग लिया।
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भारी संख्या में कर्मचारियों ने मुख्य शाखा से मार्च निकाला जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कर्मचारी शामिल हुए। वीर विनय चौराहा से संतोषी माता मंदिर होते हुए क्षेत्रीय कार्यालय प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक भगवतीगंज पहुंचकर क्षेत्रीय प्रबंधक को अध्यक्ष अरविंद कुमार की तरफ से ज्ञापन सौंपा गया।
सभी बैंक कर्मचारी धरने पर बैठे रहे। बैंकों के बंद होने से जिले में करीब 80 करोड़ का कारोबार प्रभावित रहा है। सचिव दीपक वरुण, संगठन मंत्री अनिल कुमार शर्मा, दयानंद, वकील अहमद, सीताराम, उदय प्रताप अनुज शुक्ल व आशीष आदि ने धरने को संबोधित कर निजीकरण का मतलब ग्रामीण शाखाओं का बंद होना है।
बैंकों का अधिकार सिर्फ शहरों तक सीमित हो जाना है। सरकार की जन विरोधी बैंकिंग, आर्थिक व सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण और उनमें विनमेश के सरकार के फैसले के विरोध में दो दिवसीय हड़ताल किया गया है। यह हड़ताल आम जनता, किसानों, पेंशनभोगियों, छोटे व मध्यम उद्यमियों, व्यापारियों, पिछड़े वर्गों, बेरोजगारों, स्वरोजगारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं और कर्मचारियों के हित में है।
बैंकों में हड़ताल होने से ग्राहकों परेशानी का सामना करना पड़ा। बैंक ग्राहक लवकुश, सुनील, मंगल देव, अमित श्रीवास्तव, सर्वेश कुमार सिंह, देवेंद्र, दिनेश व राजू आदि ने बताया कि शनिवार से ही बैंक बंद है। सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल होने के चलते उन्हें लेनदेन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
डिमांड ड्रॉफ्ट, चालान, बैंकर्स चेक, आरटीजीएस जैसे अन्य कार्य नहीं हो सके। बैंक बंद होने से बैनामा आदि कार्य भी प्रभावित रहे। ग्राहकों ने इन सब परेशानियों के बावजूद निजीकरण के खिलाफ बैंक कर्मचारियों के दो दिवसीय हड़ताल को जायज ठहराया लेकिन व्यवस्था करने की मांग की।
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