बलरामपुर। जिले के 657 स्कूलों के ऊपर आज भी हाइटेंशन तार झूल रहे हैं। शिक्षा क्षेत्र उतरौला के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय नयानगर में 15 जुलाई 2019 को हाईटेंशन तार गिरने की घटना हुई थी। हाईटेंशन तारों के चपेट में आने से दोनों स्कूलों के 52 मासूम झुलस गए थे।
घटना के दो साल बाद भी पावर कार्पोरेशन नहीं चेत रहा है। सीएम के फरमान पर तत्कालीन डीएम कृष्णा करुणेश ने बिजली विभाग के अफसरों को जिले के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के ऊपर, अगल-बगल से गुजरने वाले हाईटेंशन तारों व स्कूल परिसर में लगे ट्रांसफार्मरों को हटाने का निर्देश दिया था।
शिक्षा क्षेत्र उतरौला के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय नयानगर में 15 जुलाई 2019 को बिजली का हाईटेंशन तार तब गिरा था जब बच्चे स्कूल में पढ़ रहे थे। करंट की चपेट में आने से 52 बच्चे झुलस गए थे।
एंबुलेंस से 22 बच्चों को उतरौला के साजिदा अस्पताल में, 29 बच्चों को सीएचसी उतरौला में और एक बच्चे को चमरुपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। घटना को संज्ञान में लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाले हाईटेंशन तारों को हटवाने का फरमान जारी किया था।
तत्कालीन डीएम ने रिटायर्ड बीएसए हरिहर प्रसाद को ऐसे स्कूलों की सूची तैयार कराकर बिजली विभाग के अधिकारियों को उपलब्ध कराने और बिजली विभाग के अधिकारियों को स्कूलों के ऊपर से गुजरने वाले हाईटेंशन तारों और परिसर में रखे ट्रांसफार्मरों को हटवाने का निर्देश दिया था।
तत्कालीन बीएसए ने 657 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों की सूची 29 जुलाई 2019 को पावर कारपोरेशन महकमा को उपलब्ध कराया था। सदर शिक्षा क्षेत्र में 28, नगर क्षेत्र बलरामपुर व उतरौला में 12, शिक्षा क्षेत्र तुलसीपुर में 57, शिक्षा क्षेत्र शिवपुरा में 96, शिक्षा क्षेत्र गैसड़ी में 179, शिक्षा क्षेत्र गैड़ास बुजुर्ग, उतरौला व श्रीदत्तगंज में 56-56, पचपेड़वा में 83 व रेहरा बाजार के 32 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट स्कूलों की सूची बिजली विभाग को दी गई थी। कई स्कूलों के परिसर में ट्रांसफार्मर भी रखे हुए है।
दो साल बाद भी इन स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों और परिसर में रखें ट्रांसफार्मरों को हटवाया नहीं गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के डीसी एनके सिंह ने बताया कि मार्च 2021 में बिजली विभाग के अधिकारियों को फिर से स्कूलों की सूची भेजी गई है लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी तरह से रिहाईशी इलाकों में भी हाईटेंशन तार झूल रहे है। कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर भी ऐसे रखे गए है जो दुर्घटना का सबब बन रहे है।
से लेकर करीब 50 हजार रुपये तक खर्च होने की संभावना थी। शीघ्र ही अवर अभियंताओं से सूची लेकर बेसिक शिक्षा विभाग को दी जाएगी।
ललित कुमार, अधीक्षण अभियंता पावर कार्पोरेशन