जिले के 300 गांवों पर मंडराया बाढ़ का खतरा
- 9.49 करोड़ का बजट न मिलने से तैयारियां कागजी
- तटबंधों व कोडऱी घाट पुल के गाइड बांधों के नहीं हुए मरम्मत
- राप्ती नदी व पहाड़ी नालों के बाढ़ से प्रभावित होंगे तीन लाख लोग
मंगल देव गिरि
बलरामपुर। झमाझम बरसात होने से जिले के 300 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। शासन से 9.49 करोड़ रुपये का बजट न मिलने से प्रशासन की सभी तैयारियां कागजी बनकर रह गई हैं। तटबंधों व कोडरी घाट पुल के गाइड बांधों के मरम्मत कार्य पूरे नहीं हो सके हैं। राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में बाढ़ आने से इन गांवों के करीब तीन लाख लोग प्रभावित होंगे। करोड़ों रुपये की फसलें भी बाढ़ में तबाह हो जाने की आशंका है।
जिले के तीन सौ से अधिक गांवों को राप्ती नदी की बाढ़ के कहर से बचाने के लिए हरिहरगंज से भड़रिया गांव तक बलरामपुर-भड़रिया तटबंध का निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक राप्ती नदी में बाढ़ आने पर तटबंध के नौ स्थानों कटान शुरू होता है। कटान के कारण पानी बढ़ते ही गांव टापू बन जाते हैं। तटबंध को कटाने से सेफ करने के लिए हर साल प्रशासन की तरफ से बजट की डिमांड की जाती है। कोडरी घाट पुल को बचाने के लिए गाइड बांधों के मरम्मत कार्य भी बाढ़ आने से पहले पूरा हो जाना चाहिए। तटबंधों व कोडरी घाट पुल के गाइड बांधों की मरम्मत कराने के लिए प्रशासन ने 9 करोड़ 49 लाख रुपये का प्रस्ताव जून माह में शासन को भेजा था।
शासन से अभी तक इन कार्यों को कराने के लिए फूटी कौड़ी की धनराशि नहीं उपलब्ध कराई जा सकी है। बरसात शरू होते ही तटबंधों व कोडरी घाट पुल पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। राप्ती नदी के साथ पहाड़ी नालों के बाढ़ का कहर भी जिले चार ब्लॉकों के लोगों को झेलना पड़ता है। पहाड़ों पर भारी बारिश होने पर नेपाल से छोड़े गए पानी का बाढ़ सबसे अधिक भयावह होता है। जिसके चलते सदर व उतरौला तहसीलों में लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
इन कार्यों के लिए हुई बजट की डिमांड
सदर ब्लॉक के बेलहा गांव के सामने राप्ती नदी के कटान स्थल पर बोरियों में ईंट-रोड़े भरकर कटर निर्माण पर 34.89 लाख, करमहना व रामपुर गांव के निकट तटबंध मरम्मत पर 35.16 लाख, महरी गांव के निकट जियो ट्यूब से कटर निर्माण पर 36.83 लाख, भड़रियां बांध के पचौथा गांव के निकट कटर निर्माण पर 37.60 लाख, गगनकोट गांव के पास कटर निर्माण पर 14.84 लाख, पचौथा गांव के निकट लूप कटिंग पर 8.33 लाख, कोलवा गांव के पास कटर निर्माण पर 31.51 लाख व बिक्र रोड़ा कटर निर्माण पर 36.23 लाख तथा भड़रिया तटबंध पर अल्लीपुर गांव के निकट कटर निर्माण व राप्ती नदी की धारा को डायवर्ट करने के लिए दो करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। राप्ती नदी के कोड़री घाट पुल पर एफलक्स बांध व गाइड बांध की निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट का आंवटन न होने से अभी तक कार्य शुरू नहीं हो सका है।
नावों के मामले में जिला फिसड्डी
नावों के मामले में जनपद फिसड्डी है। बाढ़ आने के बाद दूसरे जिलों से नावें मंगाई जाती हैं। जिले में करीब 15 निजी नाविकों से प्रशासन ने अनुबंध किया है। जिला आपदा प्रभारी व एडीएम शिवपूजन ने बताया कि बाढ़ से निपटने के लिए एक कंपनी फलड पीएसी की तैनाती की गई है। बाढ़ की समस्या गंभीर होने पर शासन से अन्य संसाधनों की डिमांड की जाएगी।
बजट मिलने पर तत्काल शुरु होगा काम
-जिले के सभी विभागों के अफसरों को बाढ़ से निपटने के लिए सतर्क कर दिया गया है। तटबंधों के मरम्मत व कोड़री घाट पुल के गाइड व एफलक्स बांध के मरम्मत के लिए शासन से अलग-अलग मद में बजट की डिमांड की गई है। शासन से बजट मिलते ही सभी कार्य तत्काल पूरे कराए जांगे।
राकेश कुमार मिश्र, डीएम बलरामपुर