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Balrampur News: 49.9 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने छोड़ दी राजकीय प्रवक्ता भर्ती परीक्षा

Sun, 14 Jun 2026 11:29 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
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फोटो-23,24-बलरामपुर के एमपीपी इंटर कॉलेज से परीक्षा देते लौटते अभ्यर्थी ।-संवाद
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बलरामपुर। जिले के चार परीक्षा केंद्रों पर रविवार को राजकीय प्रवक्ता भर्ती परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई। परीक्षा में पंजीकृत 1802 अभ्यर्थियों के सापेक्ष केवल 903 अभ्यर्थी ही शामिल हुए, वहीं 899 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। इस तरह करीब 49.9 प्रतिशत अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
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परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू हुई। इसके लिए एमएलके महाविद्यालय के कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय के साथ नगर स्थित एमपीपी इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। सुबह आठ बजे से ही अभ्यर्थियों का केंद्रों पर पहुंचना शुरू हो गया। प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सघन तलाशी ली गई और बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही उन्हें परीक्षा कक्ष में प्रवेश दिया गया। एमएलके महाविद्यालय के कला संकाय केंद्र पर 600 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 291 ने परीक्षा दी, जबकि 309 अनुपस्थित रहे। विज्ञान संकाय में 384 में से 205 अभ्यर्थी उपस्थित और 179 अनुपस्थित रहे। वाणिज्य संकाय केंद्र पर 480 में से 222 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 258 ने परीक्षा छोड़ दी। वहीं एमपीपी इंटर कॉलेज केंद्र पर पंजीकृत 338 अभ्यर्थियों में से 185 ने परीक्षा दी और 153 अनुपस्थित रहे।
जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा शासन के निर्देशों के अनुरूप पूरी सतर्कता और पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की गई तथा सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। उन्होंने कहा कि किसी भी केंद्र से नकल या अव्यवस्था की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई।
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राजकीय प्रवक्ता भर्ती परीक्षा में सामान्य रहा प्रश्नपत्र

रविवार को आयोजित राजकीय प्रवक्ता भर्ती परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं। अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को संतुलित और पाठ्यक्रम आधारित बताया, वहीं कुछ परीक्षार्थियों ने सामान्य अध्ययन खंड को अपेक्षाकृत कठिन बताया। अभ्यर्थी अभिषेक ने बताया कि विषय से जुड़े प्रश्न काफी सरल थे। अच्छी तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रश्नपत्र हल करना कठिन नहीं था। वहीं सारिका सिंह ने कहा कि प्रश्नपत्र में अवधारणात्मक प्रश्न अधिक थे, जिससे रटकर पढ़ाई करने वालों को परेशानी हुई। राहुल पांडेय ने बताया कि समसामयिक घटनाओं और शिक्षा से जुड़े प्रश्नों की संख्या अधिक रही। कुछ प्रश्नों में गहन जानकारी की आवश्यकता थी। अभ्यर्थी भावना मिश्रा के अनुसार विषयगत प्रश्न अपेक्षाकृत आसान थे, लेकिन समय प्रबंधन महत्वपूर्ण रहा। वहीं शिव कुमार तिवारी ने कहा कि प्रश्नपत्र का स्तर न तो बहुत कठिन था और न ही अत्यधिक आसान। अधिकांश प्रश्न पाठ्यक्रम से पूछे गए थे।
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