बलरामपुर। विदेशी फंडिंग मामले में जिले के मदरसे भी जांच के घेरे में आ गए हैं। पूर्व में शासन की पड़ताल में जिले का एक मदरसा संदिग्ध मिला था। इसे विदेश से फंडिंग होने की बात सामने आई थी। प्रदेश स्तर पर ऐसे कई मदरसों का मामला उजागर होने के बाद एसआईटी को इस मामले की जांच सौंपी गई है। जांच से कई अहम राज सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
जिले में 464 मदरसे हैं जिसमें 25 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। वहीं 284 मदरसा आधुनिक है और 155 मदरसा मान्यता प्राप्त हैं। इन मदरसों की प्रशासनिक जांच बीते साल हुई तो अधिकारियों की पड़ताल संसाधनों तक ही सीमित रही। इसके बाद शासन ने यू- डायस पोर्टल पर मदरसों को छात्रों, शिक्षकाें व संसाधनों का ब्योरा अपडेट करने के निर्देश दिए। लंबी जद्दोजहद और कार्रवाई की चेतावनी के बाद मदरसों ने डाटा तो अपलोड़ किया लेकिन 34 मदरसे जुलाई तक सूचना देने से बचते रहे। फिलहाल डाटा अपलोड होने की प्रक्रिया चल रही है।
इसी दौरान नेपाल सीमा से सटे मदरसों की छानबीन शुरू हुई तो 22 मदरसे नेपाल सीमा से सटे विकास खंड़ों में संचालित मिले हैं। वहीं एक मदरसा विदेशी चंदा हासिल करने की सूची में भी शामिल है। अब शासन स्तर से जांच शुरू होने के बाद विभाग भी अपने अभिलेख दुरूस्त करने में जुटा है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी यशवंत मौर्य ने बताया कि मदरसों की जांच के लिए शासन स्तर से प्रक्रिया चल रही है। जिले स्तर पर जांच कराई जा चुकी है, डाटा फीडिंग का का कार्य भी किया गया है। जांच में शासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा।