बलरामपुर। संयुक्त जिला अस्पताल में स्थित ब्लड बैंक रक्त की कमी से जूझ रहा है। वर्तमान में मात्र 25 यूनिट ब्लड ही उपलब्ध है। ओ पॉजिटिव ग्रुप का एक भी यूनिट ब्लड न होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। ऐसे में रक्त के लिए 42 किलोमीटर दूर गोंडा का चक्कर काटना पड़ रहा है।
महिला अस्पताल में भर्ती सरस्वती देवी को खून की कमी थी। ऐसे में चिकित्सकों ने उसकी जांच कराई तो उसे एबी पॉजिटिव ग्रुप के रक्त की जरूरत थी। परिजन जब मांग लेकर ब्लड बैंक पहुंचे तो कर्मियों ने हाथ खड़े कर दिए। ऐसे में मरीज की हालत गंभीर देख उसे गोंडा भेजा गया। इसके बाद उसे रक्त मिल सका।
हेल्थ केयर हॉस्पिटल में भर्ती उर्मिला के परिजनों को भी बी पॉजिटिव ग्रुप के खून के लिए गोंडा तक दौड़ लगानी पड़ी। बीते सप्ताह बलरामपुर के पांच मरीजों की जिंदगी बचाने के लिए गोंडा ब्लड बैंक से रक्त लाना पड़ा।
ब्लड बैंक प्रभारी सीपी श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान में ए पॉजिटिव ग्रुप की 15, निगेटिव की एक, बी पॉजिटिव ग्रुुप की तीन व निगेटिव की एक, ओ पॉजिटिव की शून्य व निगेटिव की दो व एबी पॉजिटिव की दो व निगेटिव की एक यूनिट ब्लड है। सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि खून की कमी को देखते हुए कई संस्थाओं को पत्र लिखा गया है। शिविर का आयोजन करके रक्तदान कराने की तैयारी की जा रही है।