बलरामपुर के गोंडा मार्ग स्थित डायट में प्रशिक्षण के बाद शिक्षकों को दिया गया प्रमाण पत्र। सं
बलरामपुर। बाल विकास की योजनाओं का जिले में विस्तार हुआ है। परियोजना से अछूते उतरौला को भी शामिल करने की स्वीकृति शासन से मिली है। बाल विकास विभाग ने उतरौला नगर का सर्वे कराकर 40 नए आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इसकी स्वीकृति शासन ने दे दी है। अब विभागीय योजनाएं यहां भी जल्द ही लागू होंगी, वहीं महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
परियोजना लागू होने से 61 वर्ष पुराने शहर की 35 हजार आबादी को सहूलियत मिलेगी। नगर के बच्चों के साथ गर्भवती व धात्री महिलाओं तथा किशोरियों को इस योजना का लाभ मिलेगा। विभाग ने नगर के सभी 25 वार्डों में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कराने की कवायद शुरू कर दी है। अभी तक नगर से सटे गांवों में आंगनबाड़ी केंद्रों से महिलाओं व बच्चों को योजनाओं का लाभ मिल रहा था। (संवाद)
विधायक का प्रयास लाया रंग, लोगों में खुशी
विधायक राम प्रताप वर्मा का प्रयास रंग लाया। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को वर्ष 2023 में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया था। इसके बाद वर्ष 2024 में गोंडा सांसद व विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह को भी विधायक ने आंगनबाड़ी केंद्र न होने की जानकारी दी। इसके बाद प्रक्रिया तेज हुई। इससे नगर के लोगों में खुशी है। सेवानिवृत्त शिक्षक देवता प्रसाद तिवारी का कहना है कि इससे लोगों को लाभ तो मिलेगा ही, पढ़ी लिखी महिलाओं को इन केंद्रों पर नौकरी का अवसर भी मिलेगा। यह बेहतर भविष्य के लिए उठाया गया कदम है।
शासन के निर्देश का होगा अनुपालन
उतरौला शहर में आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण के संबंध में शासन से जो भी निर्देश मिला है, उसका अनुपालन किया जाएगा।
इफि्तखार अहमद, जिला कार्यक्रम अधिकारी