फोटो-20- बलरामपुर स्थित एसएसबी नौवीं वाहिनी मुख्यालय पर रक्तदान करते जवान। स्रोत विभाग
बलरामपुर। ब्लड बैंक में खून की कमी दूर करने के लिए जिला प्रशासन के साथ एसएसबी जवान भी आगे आए हैं। शुक्रवार को एसएसबी नौवीं वाहिनी मुख्यालय पर शिविर लगाकर 36 यूनिट रक्तदान हुआ। दो दिनों में ब्लड सेंटर को 51 यूनिट खून मिल चुका है।
संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक में खून की कमी हो गई थी। एबी पॉजिटिव का स्टॉक शून्य हो गया था। इसके अलावा अन्य ग्रुप के ब्लड भी एक-दो यूनिट बचे थे। इस संबंध में अमर उजाला में 14 मई के अंक में ब्लड सेंटर में खून की कमी, ए व एबी पॉजिटिव का स्टॉक खत्म शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर छपने के बाद जिला प्रशासन आगे आया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने रक्तदान कर लोगों से अपील की। डीएम की प्रेरणा से 14 मई को 15 यूनिट रक्तदान हुआ। डीएम की अपील के बाद शुक्रवार को एसएसबी नौवीं वाहिनी मुख्यालय पर भी रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 36 जवान रक्तदान कर महादानी बने। शिविर का शुभारंभ कमांडेंट मनोज कुमार पांडेय व संयुक्त जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. राजकुमार वर्मा ने किया। पैथोलॉजिस्ट डॉ. आकांक्षा शुक्ला ने जवानों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में नए ब्लड सेल्स बनने में मदद मिलती है। स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है। बताया कि एक यूनिट खून देकर आप कई मरीजों का सहारा बन सकते हैं। एक यूनिट में 350 एमएल खून रहता है। उस ब्लड से प्लाज्मा, प्लेटलेट्स व लाल रक्त कणिकाएं को अलग-अलग करके मरीजों को लाभ पहुंचाया जाता है। शिविर में एलटी अशोक कुमार पांडेय, सोनम तिवारी, काउंसलर हिमांशु पांडेय व लालू आदि मौजूद रहे।
जनप्रतिनिधियों को भी आना चाहिए आगे
ब्लड सेंटर में खून की कमी दूर करने के लिए जिले के जनप्रतिनिधियों को भी आगे आना चाहिए। जिला, विधानसभा व मंडल स्तर के जनप्रतिनिधियों को एक साथ शिविर लगाकर रक्तदान करना चाहिए। जनप्रतिनिधियों के रक्तदान करने से आम लोग भी प्रभावित होकर खून देने के लिए आगे आएंगे।