बलरामपुर। पंचायत भवनों की तरह अब गांव में बनी साधन सहकारी समितियां भी हाइटेक होने लगी हैं। जिले की 32 साधन सहकारी समितियों पर कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का संचालन शुरू हो गया है। इससे नागरिक की सुविधाओं में बढ़ोतरी तो होगी ही साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा और ताकत मिलेगी। साथ ही साधन सहकारी समितियों पर ही आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र बनेंगे और किसानों को खतौनी आदि की नकल निकलवाने की भी सुविधा मिलेगी।
डिजिटल इंडिया मिशन के तहत पहले गांवों में बने पंचायत भवनों की स्थिति सुधारी गई। पंचायत भवन को वाईफाई की सुविधा से लैस करके उसका सुदृढ़ीकरण किया गया। अब सहकारिता से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर पर गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए बदहाल साधन सहकारी समितियों को हाईटेक बनाया जा रहा है। जिले के नौ विकासखंडों में कुल 62 साधन सहकारी समितियों का संचालन हो रहा है। इनमें से 32 साधन सहकारी समितियों पर सीएससी शुरू करवाकर हाईटेक बनाया जा चुका है। समितियों को कंप्यूटरीकरण करने के साथ ही उन्हें बहुउद्देशीय बनाया गया है। शेष समितियों पर भी शीघ्र सीएससी का संचालन शुरू होगा।
सहायक आयुक्त व सहायक निबंधक अमरेश मणि तिवारी ने बताया कि जिले में 62 साधन सहकारी समितियां चल रही हैं। सीएससी के लिए 37 समितियों का पंजीकरण हो गया है। 32 पर सीएससी का संचालन शुरू हो गया है। अब समितियों पर जटिल समस्याओं का भी निवारण हो सकेगा।