बलरामपुर। सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम उतरौला योगेश चौधरी ने बृहस्पतिवार को मुकदमों की सुनवाई के दौरान पिटाई करने वाले को दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई है। इस मुकदमे का 30 वर्ष बाद फैसला हो सका है। न्यायाधीश ने दोषी पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
उतरौला क्षेत्र के ग्राम जमुनहवा निवासी जुम्मन ने चार मई 1995 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि गांव के ही विपक्षी नूर मोहम्मद ने पुरानी रंजिश को लेकर पिटाई की। गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करके जांच की। विवेचना रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने व पत्रावली का अवलोकन करने के बाद नूर मोहम्मद को पिटाई करने का दोषी मानते हुए न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई और अर्थदंड भी लगाया। (संवाद)