बलरामपुर। हिमालय की तलहटी में बसे जिले के उद्यमियों में भी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर उत्साह दिख रहा है। 500 करोड़ निवेश की हिस्सेदारी के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 290 करोड़ के निवेशक तैयार हो गए हैं। समिट में उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन का बेहतरीन अवसर मिलने जा रहा है। लक्ष्य को लेकर अवशेष बचे 210 करोड़ के लिए उद्योग विभाग अब व्यापारियों से संवाद कर रहा है। वह उन्हें योजनाओं के लाभ के बारे में बता रहा है।
यूपी सरकार ने फरवरी 2023 में लखनऊ में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए बलरामपुर जिले से 500 करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया है। इसमें 111 छोटे निवेश वाले व्यापारियों ने 40 करोड़ का प्रस्ताव दिया है। वहीं, मुर्गी पालन, मिठाई, ह्यूम पाइप, सीमेंट व जिम सहित अन्य उद्यम से जुड़े अन्य व्यापारियों ने 250 करोड़ रुपये के निवेश की समिट में हिस्सेदारी का प्रस्ताव दिया है।
उपायुक्त उद्योग राजेश पांडेय ने बताया कि उद्यमियों के प्रोत्साहन के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है, ताकि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा मिल सके। इसके लिए जिले को 500 करोड़ निवेश के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 290 करोड़ के निवेशकों को तैयार कर लिया गया है। अन्य से संवाद किया जा रहा है। आवेदन के लिए अलग से प्रारूप तैयार किया गया है।
पूंजीगत सब्सिडी की अधिकतम सीमा प्रति इकाई चार करोड़ रुपये है। अधिकतम सीमा 25 लाख रुपये प्रति इकाई के उद्यमी को पांच वर्षों के लिए वार्षिक रूप से देय 50 फीसदी ब्याज की सब्सिडी। अवस्थापना ब्याज सब्सिडी की अधिकतम वार्षिक सीमा दो करोड़ रुपये होगी। सात वर्ष तक देय होगी। स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत छूट प्रदान की जाएगी। एमएमएमई सेक्टर में गुणवत्ता सुधार व पर्यावरण सुधार के लिए उपायों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
उतरौला रोड स्थित जिला उद्योग कार्यालय में मंगलवार को विश्वकर्मा श्रम योजना के अभ्यर्थियों का साक्षात्कार हुआ। इसमें काफी भीड़ रही। उपायुक्त ने प्रतिभागियों को योजना के बारे में जानकारी दी।