फोटो-2-बलरामपुर में स्टॉल लगाकर टेडीवियर दिखाती समूह की महिलाएं ।-स्रोत : विभाग
बलरामपुर। वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के 2.16 लाख राशनकार्ड धारक परिवारों को महिला स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है।
लक्ष्य के सापेक्ष माह अप्रैल तक 6955 परिवारों के आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। संबंधित विभाग द्वारा इन आवेदनों को समूहों से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है। ग्राम स्तर पर कैंप लगाकर पात्र परिवारों को जागरूक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ सकें।
डीसी एनआरएलएम प्रियंवदा यादव का कहना है कि महिला समूहों के माध्यम से न केवल खाद्यान्न वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार, बैंकिंग सेवाओं और ऋण योजनाओं में भी बेहतर पहुंच होगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
समूह से जुड़ने वाली महिलाओं में उत्साह देखा जा रहा है। सीमा देवी ने बताया कि समूह से जुड़ने के बाद हमें बचत और ऋण की सुविधा मिल रही है, जिससे छोटे काम शुरू करने में मदद मिलेगी। रानी देवी ने कहा कि पहले योजनाओं की जानकारी नहीं मिल पाती थी, अब समूह के माध्यम से हर जानकारी मिल रही है। वहीं शांति देवी ने बताया कि समूह से जुड़कर हम आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।