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पिंजड़े में कैद हो गया बाग में भटक रहा तेंदुआ

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कुत्ते का शिकार करने में फंसा तेंदुआ
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बलरामपुर। सोहेलवा वन प्रभाग के भांभर रेंज के धोबहा गांव के लोगों को आखिरकार तेंदुए के दहशत से निजात मिल गई।

वन विभाग की तरफ से लगाए गए पिंजड़े में भोजन की तलाश में निकला तेंदुआ कुत्ते को शिकार बनाने के चक्कर में कैद हो गया। बाद में वन विभाग की टीम ने उसे सोहेलवा सेंचुरी के रामपुर रेंज में छोड़ दिया।

डीएफओ रजनीकांत मित्तल ने सोमवार को बताया कि भांभर रेंज के धोबहा गांव में करीब 10 दिनों से तेंदुए के आमद से लोग परेशान थे। स्थानीय लोगों की शिकायत पर तेंदुए को कैद करने के लिए धोबहा गांव के बाहर अभय सिंह के बगीचे में पिंजड़ा लगाया गया था।
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करीब एक सप्ताह तक तेंदुआ पिंजडे़ में कैद नहीं हो सका। इस दौरान तेंदुए ने दो कुत्तों को भी अपना निवाला बना लिया था। बार-बार चकमा देने के बाद आखिरकार रविवार की शाम आठ बजे कुत्ते को निवाला बनाने के चक्कर में तेंदुआ आखिरकार पिंजड़े में फंस गया।

वन विभाग की टीम तेंदुए के फंसने पर नजर रख रही थी। जैसे ही तेंदुआ पिंजड़े में कैद हुआ तत्काल मौके पर डीएफओ के साथ-साथ एसडीओ अनिल कुमार श्रीवास्तव, भांभर रेंज के क्षेत्राधिकारी रामानंद मौर्य व सूरत सिंह सहित वन विभाग की पूरी टीम मौके पर पहुंच गई।

बाद में तेंदुए को सोहेलवा के रामपुर रेंज में छोड़ दिया गया। गांव के लोगों को अब तेंदुए के दहशत से निजात मिल गई है।

कई दिनों से मिल रहे थे तेंदुए के पद चिह्न

धोबहा गांव के लोगों को कहना है कि कई दिनों से अनिल सिंह के गन्ने के खेत में तेंदुए के पद चिह्न मिल रहे थे। तेंदुए का पदचिह्न देखकर ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी थी।

तेंदुआ कई जानवरों को अपना निवाला बना चुका था। तेंदुए के दहशत से लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा था। शाम होते ही लोग घरों में कैद में हो जाते थे। कई दिनों के अथक प्रयास के बाद आखिरकार वन विभाग के टीम को तेंदुए को पिंजड़े में कैद करने में सफलता मिली।
बाक्स
नरभक्षी नहीं है तेंदुआ

-भांभर रेंज के धोबहा गांव में पिंजड़े में कैद हुआ तेंदुआ नरभक्षी नहीं है। भोजन-पानी की तलाश में जंगल से भटककर तेंदुआ रिहाइशी इलाका धोबहा गांव में पहुंच गया था।
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तेंदुए को जंगल पहुंचने का रास्ता नहीं मिल रहा था जिसके चलते तेंदुआ गांव के आसपास देखा जा रहा था। भूख मिटाने के लिए तेंदुआ कुत्तों व अन्य जानवरों का शिकार कर रहा था। तेंदुए को कैद कर बनकटवा रेंज के पिपरा कक्ष में छोड़ा गया है।
रजनीकांत मित्तल, डीएफओ
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