राप्ती के ऊफान से ढाई सौ गांव बने टापू
- नगर के आसपास भी भर रहा बाढ़ का पानी
- नेशनल हाइवे व अन्य कई मार्गों पर आवागमन ठप, दर्जनों वाहन फंसे
- एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी टीम के साथ अधिकारियों ने शुरु किया राहत कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
बलरामपुर। नेपाल से छोड़े गए पानी के चलते राप्ती नदी ने जिले में बाढ़ का भीषण तांडव शुरू कर दिया है। सोमवार को नदी खतरे के निशान 104.620 मीटर से 64 सेमी ऊपर 105.260 मीटर के जलस्तर पर बह रही है। नदी के जलस्तर में वृद्धि अभी जारी है। बाढ़ के चलते तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर आवागमन बाधित है। करीब 250 गांव बाढ़ के पानी से डूब गए है। लोगों ने सड़क के किनारे व बंधों पर अस्थाई अशियाना बनाकर शरण लिया है। पानी शहर मुख्यालय के इर्द-गिर्द भी भरने लगा है। कई गांवों का संपर्क मार्ग या तो तेज बहाव में बह गया है या फिर पानी भर जाने से बंद हो गया है। लोग अपने घरों में कैद होने को विवश हो गए हैं। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ व फ्लड पीएसी के साथ बाढ़ पीड़ितों को राहत पहुंचाने में जुट गया है।
इन गांवों में घुसा बाढ़ का पानी
- टेंगनहिया मानकोट, जबदहा-जबदही, सेमरहना, बिजलीपुर, सिसई, कटरा शंकर नगर, रामपुर, भचकहिया, नरायनपुर मंझारी, लखमा, पचौथा, चंदापुर, फत्तेजोत, मोहनजोत, मटियरिया कर्मा, मटियरियाडीह, परसौना, तेतारपहुर, बसंतलालडीह, कोल्हुईया, हरडिहवा, खुर्दा, खजुवा, रुस्तमनगर, लालनगर, ऐलनपुर, महुवाधनी, बभनपुरवा, जम्बूदीप, आबर, हैदरगढ़, नंदमहरा, भोजपुर, फगुइया, विरदा बनियाभारी, पाला-पाली, बरैली, कोहनियां, वाजिपुर, कसाईडीह, उतरौला ग्रामीण, अल्लानगर, केवटली, मिलौली बाघाजोत, बरायल, बारम कटरा, अल्लीपुर बुजुर्ग, सुरहिया देवर, महुवा, टेढ़वा तप्पाबांक समेत करीब 250 गांव बाढ़ की पानी में डूब गए है।
इन मार्गों पर आवागमन ठप
- राप्ती नदी की बाढ़ के चलते बलरामपुर-तुलसीपुर नेशनल हाईवे पर रविवार देर रात पानी चलने से आवागमन ठप हो गया है। मार्ग बंद होने से तुलसीपुर तहसील का मुख्यालय से सड़क संपर्क कट गया है। इसके अलावा गौरा चौराहा-तुलसीपुर मार्ग तथा कोडरी घाट-ललिया मार्ग पर भी पानी भर जाने से आवागमन ठप हो गया है। बाढ़ की तेजी को देखते हुए बलरामपुर-उतरौला मार्ग पर भी पानी आने की संभावना काफी बढ़ गई है।
सड़कों के किनारे बनाया बसेरा
-गांव व घरों में पानी भर जाने के कारण लोगों ने सड़कों व बंधों के किनारे पॉलिथीन आदि का अस्थाई रैन बसेरा बनाया है। सिसई गांव निवासी राम बिलास, सपना, अजीज, ओम प्रकाश, मजीद, लालमन व रामरुप आदि ने बताया कि घरों में पानी भर जाने से वह लोग जरुरी सामान, परिवार के सदस्य व मवेशियों समेत नेशनल हाईवे के किनारे शरण लिए हुए है। इसी तरह बाढ़ प्रभावित कई गांवों के पीड़ितों ने ऊंचे स्थानों अथवा पक्के मकानों की छतों पर शरण लिया हुआ है।
22 मोटरबोट व 80 नाव लगी
-डीएम आरके मिश्र ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 22 मोटर बोट व 80 नावें लगाई गई है। एनडीआरएफ, फ्लड पीएसी, चार प्लाटून पीएसी बाढ़ पीड़ितों की मदद में जुट गई है। सभी बाढ़ चौकियों को सतर्क कर दिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री का पैकेट भेजने की व्यवस्था की जा रही है। प्रभावित क्षेत्र में एडीएम शिवपूजन, एनडीआरएफ प्रभारी विमल गुप्ता के साथ-साथ सभी उप जिलाधिकारी व अन्य राजस्व तथा पुलिस की टीम भ्रमणशील है। बाढ़ में किसी को कोई परेशानी न हो इसका पूरा प्रबंध किया गया है।