फोटो-8-बलरामपुर के किशुनपुर ग्रंट पौधशाला में तैयार किए जा रहे पौधे।-संवाद
रेहराबाजार। पर्यावरण संरक्षण और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से वन विभाग ने पौधरोपण की तैयारी पूरी कर ली है। वन विभाग की चार पौधशालाओं में इस वर्ष 20 लाख 35 हजार से अधिक पौधे तैयार किए गए हैं। इनमें से 14 लाख से अधिक पौधों का रोपण वन क्षेत्र में किया जाएगा, जबकि 6 लाख 35 हजार से अधिक पौधे ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संस्थानों को वितरण किए जाएंगे।
रेंजर संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि वन विभाग की किशुनपुर ग्रंट पौधशाला में छह लाख, तेंदुआ पौधशाला में चार लाख 65 हजार, सुंदरघाट में पांच लाख और बैरिया पौधशाला में करीब चार लाख 70 हजार पौधे तैयार किए गए हैं। पौधशालाओं में आम, अमरूद, सागौन, महोगनी, खजूर, कंजी, हर्रा, बहेरा, सिंदूर, नीम, फरेंदा, जामुन, आंवला, शीशम, अर्जुन, चकरसिया, गुलमोहर, अशोक, शरीफा, सहजन, पीपल, बरगद, पाकड़, गिलोय और सतावर समेत कई प्रजातियों के पौधे तैयार किए गए हैं। पौधरोपण अभियान जुलाई के प्रथम सप्ताह से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए वन क्षेत्र के अलावा सड़क किनारे, विद्यालयों, पंचायत परिसरों और सार्वजनिक स्थलों को भी चिह्नित किया जा रहा है। पौधों की देखरेख के लिए वन रक्षक सतेंद्र यादव, रामजीयावन सिंह, राजन और विपिन कुमार समेत अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। विभाग का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधरोपण से पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा, तापमान में कमी आएगी।